नगर निगम में महापौर की छापेमारी में कर्मी से अफसर तक मिले गायब, CM से शिकायत करेंगी मेयर, नंबर भी किया जारी

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। लखनऊ नगर निगम के अफसर-कर्मचारियों के कार्यालय से लगातार गायब रहने की शिकायत मिलने पर आज मेयर सुषमा खर्कवाल ने खुद ही छापेमारी की। सुबह 10:45 बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं महापौर गेट पर ताला लगवाने व अटेंडेंस रजिस्टर जब्‍त कर जांच की तो अंदर अधिकतर अफसर व कर्मचारी गायब मिले। अफसर-कर्मियों की कारस्‍तानी से नाराज मेयर ने पूरे नगर निगम मुख्यालय का गहन निरीक्षण किया।

मेयर की कार्रवाई से जहां लापरवाही अ‍फसर-कर्मियों ने आज हड़कंप मचा रहा वहीं महापौर ने उनकी कारस्‍तानी की शिकायत सूबे की मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से करने की बात कही है। इसके साथ ही एक मोबाइल नंबर भी जारी किया है जिसपर ऑफिस देर से आने वाले अधिकारी व कर्मचारियों की जनता  उनसे शिकायत कर सकेगी।

मुखिया मिले, लेकिन कई उच्च अधिकारी अनुपस्थित

मेयर के निरीक्षण के दौरान नगर निगम के मुखिया गौरव कुमार अपने कार्यालय में मौजूद मिले। नगर आयुक्‍त के कमरे के बाद महापौर जब अपर नगर आयुक्तों के कार्यालयों में पहुंचीं तो वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इस दौरान अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, नम्रता सिंह, अरुण कुमार गुप्त एवं डॉ. अरविंद कुमार राव भी अपने कार्यालय से गायब मिले। इतना ही नहीं, उप नगर आयुक्त रश्मि भारती का कार्यालय भी खाली मिला और समस्त सहायक नगर आयुक्त विकास सिंह, विनीत सिंह, रामेश्वर प्रसाद भी अपनी सीट पर अनुपस्थित पाए गए। इसके साथ ही चीफ इंजीनियर महेश वर्मा भी समय पर अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

गेट पर ताला, बाहर खड़े मिले कर्मचारी

महापौर ने आज निरीक्षण की शुरुआत से पहले ही नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट और दूसरे गेट पर ताला जड़वा दिया था। इस कदम से अंदर-बाहर की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा गया। इस दौरान कई कर्मचारी और अधिकारी मुख्यालय के बाहर खड़े होकर अंदर आने की जुगत लगाते रहें।

ये अधिकारी मिले मौजूद

निरीक्षण में यह स्थिति भी सामने आई कि कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने कार्यालय में मौजूद थे। इनमें मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी महामिलिंद लाल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव शामिल रहे। मेयर ने इन अधिकारियों की उपस्थिति पर संतोष जताया और कहा कि सभी कर्मचारियों को इन्हीं की तरह समय पर और जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।

अटेंडेंस लगाकर गायब होने वाले भी कम नहीं

मेयर ने ने 311 एप के जरिए कर्मचारियों की अटेंडेंस सूची मंगाई। सूची की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई कर्मचारी सुबह मुख्यालय परिसर में आकर अटेंडेंस तो दर्ज कर गए, लेकिन उसके बाद वे अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। महापौर ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया और ऐसे सभी कर्मचारियों की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज निकलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मेयर की अफसर-कर्मियों को वार्निंग

औचक निरीक्षण के बाद सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सुधरने के लिए चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम लखनऊ शहर की जनता की सेवा करने और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में यदि अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और अपने कार्यों के प्रति लापरवाह रहते हैं तो इसका सीधा असर शहरवासियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दो दिन में स्‍पष्‍टीकरण, फिर आगे की कार्रवाई

महापौर जी ने नगर आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो दिनों के भीतर सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए और आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल मुख्यालय की कार्यशैली का नहीं बल्कि जनता की सुविधाओं से जुड़ा है, इसलिए इस लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। महापौर ने यह भी घोषणा की कि इस पूरे मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी जनता करे शिकायत

छापेमारी के बाद मेयर ने जनता से अपील की है अगर सुबह दस बजे नगर निगम कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारी सीट पर नहीं मिलें तो तुरंत इसकी शिकायत इस नंबर 6389200005 पर करें। इसके साथ ही जनता  फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म पर भी मेयर को टैग कर शिकायत कर सकती है।

पारदर्शिता-जवाबदेही पहला टारगेट

निरीक्षण के दौरान महापौर ने यह भी कहा कि नगर निगम मुख्यालय जनता की समस्याओं के निराकरण का प्रमुख केंद्र है। यहां यदि अधिकारी और कर्मचारी समय से मौजूद न रहें तो आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनका पहला लक्ष्य है।

भविष्य में और कड़े कदम उठाने के संकेत

महापौर ने यह भी संकेत दिया कि यदि इस तरह की लापरवाही आगे भी सामने आई तो नगर निगम मुख्यालय में उपस्थिति और कार्यप्रणाली को और अधिक सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी माध्यमों और निगरानी प्रणाली को मजबूत करके सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी अपने कर्तव्यों से विमुख न हो।

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