आरयू ब्यूरो, लखनऊ। नीट पेपर लीक के बाद से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार को पुलिस द्वारा जबरन हटाने पर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है। साथ ही अमिताभ ठाकुर ने भारत सरकार से सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच व प्रदर्शनों के लिए राष्ट्रीय प्रोटोकॉल बनाने की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना अध्यक्ष ने भारत सरकार के गृह सचिव को पत्र भेज सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस, दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के स्थान पर निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच ही सत्य को सामने ला सकती है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास सुदृढ़ कर सकती है।
अपने पत्र में अमिताभ ठाकुर ने जांच पूरी होने तक सभी सीसीटीवी फुटेज, पुलिस वीडियो, बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखे जाने की बात कही है। साथ ही कहा कि भारत सरकार से देशभर में सभी सरकारों तथा सभी राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होने वाला “लोकतांत्रिक प्रदर्शनों हेतु राष्ट्रीय प्रोटोकॉल” तैयार किये जाने का अनुरोध किया है।
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वहीं अपने इस लेटर में अमिताभ ठाकुर ने प्रोटोकॉल में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य, पुलिस एवं अन्य कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकार, दायित्व एवं सीमाएं, बल प्रयोग एवं निरोध की स्पष्ट प्रक्रिया, महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाई की अनिवार्य ऑडियो- वीडियो रिकॉर्डिंग तथा पुलिस ज्यादती अथवा अन्य अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र समीक्षा की व्यवस्था की बात कही गयी है।




















