ईरान ने मार गिराया अमेरिकी रीपर ड्रोन, दो तेल टैंकरों में भी भीषण विस्फोट

आरयू इंटरनेशनल डेस्क। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक पूर्ण और विनाशकारी महायुद्ध के मोड़ पर पहुंच चुका है। ईरान ने शनिवार बुशेहर के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि होर्मुज जलसंधि में दो बड़े तेल टैंकरों में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई है।

ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आइआरजीसी) ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे एक अमेरिकी अत्याधुनिक ‘MQ-9 रीपर ड्रोन’ को मार गिराया है। लगभग 3.4 करोड़ डॉलर की भारी लागत वाला यह अमेरिकी सैन्य ड्रोन ईरानी मिसाइल प्रहार के बाद कुछ ही पलों में हवा में पूरी तरह नष्ट हो गया।

ईरानी स्थानीय मीडिया के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों, नौसैनिक पोतों से ईरान के विभिन्न हिस्सों में सिलसिलेवार और बेहद विनाशकारी मिसाइल हमले किए गए हैं। मध्य ईरान के ऐतिहासिक शहर यज्द में एक के बाद एक लगातार पांच भीषण और शक्तिशाली विस्फोट सुने गए हैं, जिससे पूरा यज्द प्रांत दहल उठा है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम में स्थित फार्स प्रांत के लास इलाके के बाहरी हिस्सों और खुजेस्तान प्रांत के प्रमुख औद्योगिक शहर अहवाज पर अमेरिकी मिसाइलों से बड़े पैमाने पर भारी बमबारी की गई है।

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वहीं अमेरिका के इन चौतरफा हवाई हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने भी काउंटर-ऑपरेशन शुरू कर दिया है। ईरानी सैन्य कमांड का दावा है कि अमेरिका की मजबूत एयर डिफेंस मिसाइल प्रणालियों की मौजूदगी के बावजूद उनकी मिसाइलों ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सेना के ‘मुवाफ्फाक साल्टी एयर बेस’ और कुवैत में स्थापित कई अन्य प्रमुख अमेरिकी सैन्य कैंपों और ठिकानों को सीधे तौर पर निशाना बनाया है। समुद्र से लेकर आसमान तक जारी इस चौतरफा महाविनाश के कारण पूरा खाड़ी क्षेत्र इस समय बारूद के ढेर पर बैठ गया है।

बारूदी सुरंगों के विस्फोट से दो तेल टैंकर धू-धू कर जले

वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में स्थित एक अत्यधिक संवेदनशील माइनफील्ड से गुजरने के दौरान दो बड़े तेल टैंकर भीषण विस्फोटों का शिकार हो गए। ईरानी नौसेना द्वारा इस रूट का उपयोग न करने की सख्त विधिक चेतावनियों को नजरअंदाज करने के कारण दोनों तेल टैंकर समुद्र के बीचों-बीच धू-धू कर जल उठे। इस घटना के तुरंत बाद ईरान की नौसेना ने घोषणा की है कि अमेरिकी आक्रामकता और सुरक्षा खतरों के चलते होर्मुज जलसंधि को वर्तमान में “अत्यधिक असुरक्षित और पूरी तरह से बंद” कर दिया गया है।

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