अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन-कुवैत समेत छह देशों में US ठिकानों पर किए हमले

ईरान
ईरान के हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकानों से उठता धुएं का गुबार।

आरयू इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का समझौता टूटने के बाद एक बार फिर सैन्य टकराव बढ़ गया है। 11 जुलाई की देर रात अमेरिका ने बड़े पैमाने पर ईरान में एयर स्ट्राइक की। अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने मिडिल-ईस्ट में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रविवार को ईरान ने छह देशों जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसकी सेनाओं ने ईरान के करीबन 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस एयरस्ट्राइक के कुछ ही देर बाद ईरान ने पलटवार किया। जिसमें ईरानी सेना ने छह देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का भी ऐलान कर दिया है। साथ ही कहा है जब तक अरब देशों में अमेरिका का दखल खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज में आवाजाही सामान्य नहीं हो पाएगी।

फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा जंग की आहत से वैश्विक स्तर तेल और गैस का संकट फिर शुरू हो सकता है। इस बीच अमेरिकी रक्षा सचिव पीटर हेसगेथ ने कहा कि ईरान को जहाज पर हमले की कीमत चुकानी होगी। वहीं ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अब एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है। हमने पहले ही कहा था कि वादा निभाओ, नहीं तो कीमत चुकाओ।

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गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर का समझौता सात जुलाई को टूट गया। इन सबके बीच ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के नौ जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद उनके बेटे और देश के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा ने कहा है कि वह अपने पिता और बेगुनाहों की हत्या का बदला लेकर रहेंगे। यही ईरान की इच्छा है, हम इसके लिए एक लिस्ट बना रहे हैं। वहीं ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान मेरी हत्या करने में कामयाब हो जाता है, तो उसपर ऐसे हमले होंगे, जो इतिहास में नहीं देखा गया होगा। मैंने इसके लिए पहले से ही निर्देश दे रखे है।

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