बृजेश पाठक के आवास का घेराव कर आशा वर्कर्स ने किया प्रदर्शन, कहा नहीं हो रही सुनवाई

आशा वर्कर्स
डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से लखनऊ पहुंचीं आशा वर्कर्स ने बुधवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। आशा वर्कर्स का कहना है कि वे अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही है।

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहीं कर्मियों की प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाने की है। दरअसल आशा वर्कर्स ने प्रतिमाह 25 हजार रुपए वेतन देने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल फतेहपुर से आईं पूनम ने बताया कि यूपी में करीब 1,57,596 आशा कार्यकर्ता तैनात हैं। वे समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम करती हैं।

आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव के बाद की देखभाल और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कार्य करती हैं। वे टीकाकरण, नसबंदी और परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करती हैं। इसके अलावा, एनएचएम के तहत चलने वाली विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भी उनकी अहम भूमिका होती है।

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इस दौरान प्रदर्शन कर रहीं वर्कर्स ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये सरकार कहती कुछ और है करती कुछ और है। एक तरफ महिलाओं के सम्मान की बात करती है दूसरी तरफ महिलाओं का शोषण हो रहा है। 300 रुपए अनपढ़ को मजदूरी मिलती है और हम पढ़े लिखे हैं फिर भी सौ रुपए नहीं मिल रहे।

मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहती हूं कि वह हमारे उत्थान के लिए क्या कर रहे हैं। किसी पुरुष से सौ रुपए में 24 घंटा काम करवा कर दिखाएं। एक महिला के नाते हमारी मजबूरी का फायदा उठाकर सौ रुपए में काम करवाया जा रहा। छोटे-छोटे बच्चों का मुंह देखकर ये काम करने पर मजबूर हैं।

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