ओपी राजभर की अखिलेश को चुनौती, योगी से डर रहे, तो जहूराबाद आकर मुझसे लड़ लें

ओपी राजभर
मीडिया से बातचीत करते ओपी राजभर।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने कानून-व्यवस्था, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और वोट चोरी के आरोपों पर सपा को घेरा। साथ ही अखिलेश यादव को चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए योगी ने कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने चुनाव लड़ने से डर रहे हैं, तो गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर उनसे मुकाबला कर लें।

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अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने से हिचक रहे हैं, तो उन्हें गाजीपुर जिले की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर उनसे मुकाबला करना चाहिए। उनसे चुनाव लड़ें, उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुकाबले की बात करें।

अपने कार्यकाल का भी जवाब दे सपा अध्यक्ष

एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने कानपुर पहुंचे राजभर ने मीडिया से बातचीत के दौरान महिला सुरक्षा और दिल्ली में हुए प्रदर्शन से जुड़े सवालों पर कहा कि दूसरों पर सवाल उठाने से पहले सपा अध्यक्ष को अपनी सरकार के कार्यकाल को भी याद करना चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आम लोगों के साथ सड़कों पर बदसलूकी होती थी और अपराधी व माफिया खुलेआम असलहा लेकर घूमते थे। उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भय का माहौल था। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को दूसरों की आलोचना करने के साथ अपने पुराने कार्यकाल का भी जवाब देना चाहिए।

वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष को घेरा

विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी ओमप्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं और उन्हें चुनावी नतीजों को स्वीकार करना चाहिए। राजभर ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के 37 और कांग्रेस के छह सांसद चुने गए, जबकि 2019 में 303 सीटें जीतने वाली भाजपा 2024 में 240 सीटों पर सिमट गई। जब चुनाव में अलग-अलग दलों को सीटें मिली हैं, तो वोट चोरी के आरोप लगाकर प्रदर्शन करने का क्या औचित्य है?

विपक्ष के आरोप निराधार

राजभर ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद विपक्ष के पास आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं बचता। हालांकि वोट चोरी से जुड़े आरोपों की सच्चाई और उनसे संबंधित पक्षों के जवाब का स्वतंत्र आकलन अलग विषय है। राजभर ने अपनी बातचीत में विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए सपा और कांग्रेस के राजनीतिक रुख की आलोचना की।

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