आरयू ब्यूरो,
नई दिल्ली। स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश के सबसे साफ शहरों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पहले स्थान पर इंदौर तो दूसरे नंबर पर भोपाल है। वहीं पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में सफाई के मामले में टॉप पर रहा मैसूर इस बार पिछड़ कर पांचवें नंबर पर आ गया है।
इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश से सिर्फ वाराणसी को टॉप-50 में जगह मिल पायी है। मोदी के संसदीय क्षेत्र को 32 वें पायदान पर जगह मिली है। हालांकि दूसरे शब्दों में कहा जाए तो वाराणसी को यूपी के सबसे साफ शहर का दर्जा हासिल हुआ है।
वहीं दूसरी ओर गोंडा 434 पायदान के साथ यूपी समेत देश के सबसे गंदे शहर के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सका है। वहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ को 269 वां स्थान लिस्ट में मिला हैं। इतना ही नहीं सबसे गंदे दस शहरों की लिस्ट में भी छह नाम अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। वहीं बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का कोई भी शहर टॉप-50 में जगह नहीं बना पाया।
अभियान में बिहार, झारखंड के किसी शहर को टॉप-10 शहरों में जगह नहीं मिली है। 434 स्वच्छ शहरों की सूची में बिहार के दो शहर कटिहार और बगहा क्रमश: 430 वें और 432वें स्थान पर हैं।
सफाई के मामले में टॉप-50 शहरों में गुजरात के 12 और मध्यप्रदेश के 11 शहर हैं। लिस्ट में महाराष्ट्र के तीन और तमिलनाडु के चार शहरों ने अपनी जगह बनायी है। दिल्ली का एनडीएमसी इलाका टॉप-50 में है, लेकिन दिल्ली के बाकी तीनों नगर निगम टॉप-100 में भी जगह नहीं बना सके।
यहां देखे सफाई के मामले में कौन-कौन से शहर है टॉप टेन
रैंकिंग -शहर – प्रदेश
01- इंदौर – मध्यप्रदेश
02- भोपाल – मध्यप्रदेश
03- विशाखापत्तनम -आंध्रप्रदेश
04- सूरत -गुजरात
05- मैसूर -कर्नाटक
06- तिरुचिरापल्ली -तमिलनाडु
07- नई दिल्ली नगर पालिका परिषद -नई दिल्ली
08- नवी मुंबई -महाराष्ट्र
09- तिरुपति – आंध्रप्रदेश
10- बड़ोदरा – गुजरात
यह रहे सबसे गंदे 10 शहर
रैंकिंग – शहर – प्रदेश
425- खुर्जा – उत्तर प्रदेश
426- शाहजहांपुर -उत्तर प्रदेश
427- अबोहर -पंजाब
428- मुक्तसर -पंजाब
429- बहराइच -उत्तर प्रदेश
430- कटिहार -बिहार
431- हरदोई -उत्तर प्रदेश
432- बगहा -बिहार
433- भुसावल -महाराष्ट्र
434- गोंडा -उत्तर प्रदेश




















