आरयू ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को अधिकारियों के खिलाफ 2019 के हेट स्पीच केस में गुरुवार को बड़ी राहत मिली। रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खान को दोषमुक्त मानते हुए बरी कर दिया। ये मामला आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला द्वारा दो अप्रैल 2019 को शहर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। इसी मामले में पिछले दिनों कोर्ट ने सुनवाई पूरी की थी।
दरअसल सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आजम खान के खिलाफ आरोपों को साबित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोर्ट के समक्ष ठोस और पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर सका। गुरुवार को कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने आजम खान को दोषमुक्त मानते हुए बरी करने का आदेश दिया। इस फैसले के साथ ही करीब सात साल पुराने इस मामले का पटाक्षेप हो गया।
वहीं कोर्ट से राहत मिलने की खबर सामने आते ही आजम खान के समर्थकों और प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों का कहना है कि ये फैसला न्याय की जीत है। हालांकि, आजम खान अभी दो पैन कार्ड मामलों में सात-सात साल की सजा मिलने के बाद अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल में बंद हैं। इस मामले में उन्हें राहत नहीं मिली है। इस कारण उन्हें अभी जेल में रहना पड़ेगा।
मालूम हो कि शिकायतकर्ता फैसल खान लाला ने आरोप लगाया था कि 29 मार्च 2019 को आजम खान ने रामपुर स्थित सपा कार्यालय पर एक भाषण दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हुआ। आरोप था कि इस भाषण में आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह (वर्तमान मंडलायुक्त, मुरादाबाद) समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ लोगों को भड़काने वाले बयान दिए थे।
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रिपोर्ट में कहा गया था कि अपने भाषण के दौरान आजम खान ने कथित तौर पर कहा था कि ‘ये अधिकारी रामपुर को खून से नहलाना चाहते हैं और जिन जिलों में ये रहे हैं, वहां कमजोरों को तेजाब डालकर गलाया है।’ इन बयानों को भड़काऊ बताते हुए आजम खान के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आजम खान के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।




















