आरयू वेब टीम। भीषण ठंड के बीच दिल्ली में वायु गुणवत्ता खतरनाक बनी हुई है, जिसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इससे दिल्लीवासियों का सांस लेना दूभर हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार को दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 391 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है, और कुछ क्षेत्रों में ये 400 से भी अधिक रहा।
घने कोहरे और धुंध के कारण प्रदूषक तत्व फंस जाते हैं, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और दिल्ली निवासियों को सुबह की ठंड का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका दैनिक जीवन बाधित होता है। बात करें एक्यूआइ की तो आनंद विहार में एक्यूआइ 445 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 425, नेहरू नगर में 433, शादिपुर में 445, मुंडका में 413 और आइजीआइ हवाई अड्डे पर 320, जो पूरे क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण का संकेत देता है।
सीपीसीबी के वर्गीकरण के अनुसार, 0-50 के बीच एक्यूआई रीडिंग ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ मानी जाती है। इस दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के तहत चरण आइवी के उपाय लागू किए हैं, जिनमें निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल हैं।
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ठंडे मौसम, शांत हवाओं और घने कोहरे के संयोजन से प्रदूषक तत्व फंस रहे हैं, जिससे धुंध और स्मॉग की स्थिति बन रही है। मौजूदा मौसम के चलते खराब वायु गुणवत्ता का यह चक्र जारी रहने की आशंका है, जिसके चलते निरंतर निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के सख्त उपायों की मांग की जा रही है।




















