आरयू वेब टीम। मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया है। 73 वर्ष स्वराज कौशल काफी समय से बीमार चल रहे थे। वे दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज के पिता थे। स्वराज कौशल के निधन की खबर से भारतीय जनता पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई।
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने एक्स पोस्ट कर कहा, ‘पापा स्वराज कौशल जी, आपका स्नेह, आपका अनुशासन, आपकी सरलता, आपका राष्ट्रप्रेम और आपका अपार धैर्य मेरे जीवन की वह रोशनी हैं जो कभी मंद नहीं होगी। आपका जाना हृदय की सबसे गहरी पीड़ा बनकर उतरा है, पर मन यही विश्वास थामे हुए है कि आप अब मां के साथ पुनः मिल चुके हैं, ईश्वर के सान्निध्य में, शाश्वत शांति में। आपकी बेटी होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव है, और आपकी विरासत, आपके मूल्य और आपका आशीर्वाद ही मेरी आगे की हर यात्रा का आधार रहेंगे।’
स्वराज कौशल के निधन पर सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट किया कि, ‘मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल जी के निधन की खबर दुखद है। स्वराज कौशल जी का सार्वजनिक जीवन और विधि के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। राष्ट्र और समाज के प्रति उनकी सेवा अविस्मरणीय है। दुःख की इस घड़ी में, मेरी गहरी संवेदनाएं। सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज जी और उनके समस्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें। ॐ शांति
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बात करें जीवन की तो स्वराज कौशल ने बहुत कम उम्र में वो मुकाम हासिल किया जो बड़े-बड़े नेताओं को नसीब नहीं होता है। साल 1990 में उन्हें मिजोरम का राज्यपाल बनाया गया था। उस वक्त उनकी उम्र महज 37 साल थी। देश के इतिहास में वे सबसे कम उम्र में गवर्नर बनने वाले शख्स थे। वे 1990 से 1993 तक इस पद पर रहे। इसके अलावा वे 1998 से 2004 तक हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रहे। सुप्रीम कोर्ट में वे सीनियर एडवोकेट थे और कई हाई-प्रोफाइल केस लड़ चुके हैं।




















