आरयू ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज पहुंचकर आगामी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही संगम में पूजा-अर्चना की। साथ ही प्रयागराज स्थित रामबाग हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में मेला की तैयारियों की समीक्षा की।
वहीं मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। उन्होंने मेले के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि माघ मेला उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे भव्यता व सुगमता के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।
योगी ने कहा कि माघ मेला में कल्पवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं मिलेंगी। सुरक्षा के भी तगड़े प्रबंध होंगे। एआइ कैमरों से मेला क्षेत्र की निगरानी होगी। उच्च क्षमता के कैमरे भी लगाए जाएंगे। पहली बार माघ मेला टेंट सिटी बसाई जाएगी, जिसमें 200 कैंप होंगे। पहले सिर्फ कुंभ व महाकुंभ में ही टेंट सिटी बसाई जाती थी।
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इसके बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला की तैयारियां तेज हो गई है। सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया कि गंगा में कटान निरोधक कार्य तथा जल की उपलब्धता के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जिम्मेदारी जल निगम पर है। साथही श्रद्धालुओं के उपचार के लिए 20-20 बेड के दो अस्पताल बनाए जा रहे हैं। मेला में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक वेक्टर कंट्रोल यूनिट, पांच आयुर्वेदिक और पांच होम्योपैथिक चिकित्सालय की स्थापना होगी। यहां 50 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जा रही है।




















