GoodNews: आखिरकार खुल गया ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा फेज, 15 मिनट में समता मूलक से पहुंचेंगे डालीगंज, रक्षामंत्री व सीएम ने किया उद्घाटन, कहीं ये बातें

ग्रीन कॉरिडोर सेकेंड फेज
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे फेज का फीता काटकर उद्घाटन करते रक्षामंत्री व सीएम साथ में अन्‍य।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। लखनऊ वासियों के काफी इंतजार के बाद करीब सात किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर फेज टू को आज से जनता के लिए खोल दिया गया है। इससे अब आप समता मूलक से डालीगंज की दूरी 45 मिनट की जगह मात्र 15 मिनट में तय कर सकेंगे। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने करीब तीन सौ करोड़ की लागत से तैयार ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे फेज का उद्घाटन कर जनता को बड़ी सौगात दी है। उद्घाटन के साथ ही ग्रीन कॉरिडोर पर रात तक बड़ी संख्‍या में वाहन दौड़ते नजर आये।

झूलेलाल वाटिका में एलडीए की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम व रक्षामंत्री ने आज ही ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे व चौथे चरण के काम का शिलान्‍यास भी किया। हालांकि ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे फेज का निर्माण कार्य एलडीए पहले ही शुरू करा चुका है।

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झूलेलाल वाटिका में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि डालीगंज पुल से समता मूलक चौक तक करीब सात किलोमीटर लंबाई वाले ग्रीन कॉरिडोर को आज लखनऊ की जनता को समर्पित किया गया है। इसके शुरू होने से लगभग 15 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी।

जब सिविल और डिफेंस सेक्टर तालमेल से काम…

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर काम किया है। परियोजना में रक्षा भूमि का भी प्रभावी उपयोग किया गया है और भूमि आवंटन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद रक्षा विभाग ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर आपसी तालमेल से काम करते हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है और यह परियोजना उसका उदाहरण है।

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जाम की समस्या कम होगी, समय भी बचेगा

लखनऊ के सांसद ने आगे कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के अगले चरण में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग 10 किलोमीटर तक इसका विस्तार किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहीद पथ और किसान पथ जैसे रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा, जिससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों का समय भी बचेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माण कार्य के दौरान यदि कोई पेड़ बाधा बना तो उसे काटने के बजाय सावधानीपूर्वक दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया। करीब डेढ़ सौ से अधिक पेड़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।

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सीएम योगी की हुई तारीफ

वहीं यूपी के सीएम की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि योगी जी को लोग बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। इन्होंने माफियाओं को सही कर दिया। बुलडोजर सिर्फ तोड़ने का ही नहीं। नए विकास की जमीन भी तैयार करता है। इस महीने के अंत या अप्रैल महीने की शुरुआत में ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे शुरू हो जाएगा। इसके बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 35 से 40 मिनट के बीच तय हो सकेगी।

लखनऊ में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ…

राजनाथ सिंह ने कहा कि सीएम विकास के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान दे रहे। घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा। पहले लोग गोमती में कूड़ा फेंक देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले साल लखनऊ को स्वच्छता में तीसरी रैंक मिल चुकी है, इसके लिए सभी को बधाई। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शहर के पार्कों में ओपन जिम लगाए गए हैं ताकि बुजुर्ग और महिलाएं टहलने के साथ-साथ व्यायाम भी कर सकें। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए विश्राम सदन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

राजनाथ सिंह ने अपना विजन हमें बताया तो…

वहीं इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ के अंदर कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब अपना विजन हमें बताया तो हमने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को बताया। इसके बाद प्रशासन की जिस जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, उसी जमीन से कब्जा हटाकर उसी पैसे का प्रोजेक्ट बनाया गया। इसमें शासन ने प्राधिकरण को पैसा नहीं दिया है।

साथ ही सीएम ने कहा कि लखनऊ एआइ सिटी के रूप में विकसित होगा। सरकार ने इसके लिए भी धन की व्यवस्था कर ली है। दुश्मन को ठिकाने लगाने वाले ब्रह्मोस के इंजीनियर ज्यादातर एकेटीआइ, पॉलीटेक्निक और सरकारी कालेजों से हैं। लखनऊ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित हो रहा है।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि राजनाथ सिंह ने जबसे कमान संभाली है तब से लखनऊ विकास के मामले में नंबर वन है। लखनऊ में रक्षा मंत्री ने ओपन जिम लगवाने का काम किया है। क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा ने एलडीए की तारीफ करते हुए कहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनाने में एक भी पेड़ काटकर उसकी क्षति नहीं की गई, बल्कि 166 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया।

मजदूरों पर हुई फूलों की बारिश

इस दौरान सीएम योगी व राजनाथ सिंह ने ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण पूरा करने वाले श्रमिकों को भी सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री और योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों पर पुष्प वर्षा भी की।

वहीं योजना के बारे में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इससे पहले मीडिया को  बताया कि 100 करोड़ की लागत से ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण 11 मार्च, 2024 को किया गया था। 6.8 किलोमीटर लंबा ये पुल आईआईएम रोड से पक्का पुल तक बना था।

299 करोड़ की लागत परियोजना के दूसरे चरण में लगी है। इस चरण के अंतर्गत डालीगंज से लेकर निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक का हिस्सा आता है। लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस पुल के खुलते ही हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्ततम क्षेत्रों में लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलेगी। वीसी ने यह भी बताया कि 1220 करोड़ की लागत इस परियोजना के तीसरे व चौथे चरण में आएगी, जो पिपराघाट से किसान पथ को जोड़ेगा।

उद्घाटन के दौरान यूपी के वित्‍त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ,राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सदस्य विधान परिषद महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्‍ला, ओपी श्रीवास्तव, एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश कुमार सिंह, रामचंद्र प्रधान, अमरेश कुमार व जया देवी समेत भाजपा के कई वरिष्‍ठ नेताओं के अलावा एलडीए व अन्‍य विभागों के अफसर मौजूद रहें।

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