आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पिपराघाट से शहीद पथ के बीच ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया है। एलडीए ने आज इसकी जानकारी मीडिया को देते हुए कहा कि करीब पांच किलोमीटर लंबे इस स्ट्रेच में कॉरिडोर बनने से कैंट से अयोध्या रोड व कानपुर रोड की ओर जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
करीब पांच हजार करोड़ के प्रोजेक्ट ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण के तीसरे चरण में गुणवत्ता व एलाइमेंट में होने वाली संभावित गड़बड़ी रोकने व समय से काम पूरा कराने के लिए आज एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने अपनी टीम के साथ इस रूट का निरीक्षण किया। साथ ही पिपराघाट के पास रेलवे क्रासिंग पर वीआइपी स्पर (आरओबी) बनाने और दिलकुशा रोड का चौड़ीकरण कराने के भी निर्देश दिये।
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उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि छावनी बोर्ड से एनओसी लेकर रेलवे क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। यह आरओबी करीब 240 मीटर लंबा व 12 मीटर चौड़ा होगा। इसके अलावा दिलकुशा से ग्रीन कॉरिडोर को कनेक्ट करने वाली सड़क वर्तमान में नौ मीटर चौड़ी है। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि भविष्य में ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने पर इस सड़क पर भी ट्रैफिक का काफी लोड आएगा। इसे ध्यान में रखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण का काम भी साथ ही साथ करवाया जाए।
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इसके बाद वीसी ने पिपराघाट से जी-20 रोड तक बनने वाले फोर लेन पुल की साइट का निरीक्षण किया। एलडीए ने कहा कि पुल निर्माण के लिए टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन हो गया है। उपाध्यक्ष ने एक सप्ताह के अंदर काम शुरू कराने के निर्देश दिये हैं।
बारिश से पहले पूरा करें लैंड फिलिंग
पिपराघाट से आर्मी लैंड के नाले तक 2.8 लोमीटर लंबा फोर लेन बंधा बनाया जाना है। वहीं, आर्मी लैंड नाले से शहीद पथ के बीच करीब ढाई किलोमीटर लंबे स्ट्रेच में बंधे का निर्माण होना है। उपाध्यक्ष ने इस रूट का भी निरीक्षण किया, जहां मौके पर अर्थ फिलिंग (मिट्टी की भरायी) का काम चल रहा था। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिये कि बरसात से पहले लैंड फिलिंग का सभी काम हर हाल में पूरा कराएं। इस दौरार चीफ इंजीनियर मानवेंद्र सिंह ने उन्हें बताया कि बंधे के किनारे सुरक्षा और मजबूती के लिए स्टोन पिचिंग कराया जाएगा।
काश्तकारों को वेलनेस सिटी में दी जाएगी जमीन
इकाना क्रिकेट स्टेडियम से किसान पथ के बीच प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के एलाइनमेंट का भी आज वीसी ने निरीक्षण किया गया। प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिये कि बंधे व ब्रिज के निर्माण के लिए जिन काश्तकारों की जमीन जाएगी, उन्हें लैंड पूलिंग नीति के तहत वेलनेस सिटी में निःशुल्क जमीन दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि मौके पर साइट ऑफिस बनाया जाए, जहां अर्जन अनुभाग के अधिकारी नियमित रूप से बैठकर काश्तकारों से बात कर अर्जन संबंधी मामलों का निस्तारण करें।
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निरीक्षण के दौरान एलडीए के संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार समेत अन्य इंजीनियर-अफसरों के अलावा प्राइवेट कंपनियों और स्मारक समिति के कर्मी भी मौजूद रहें।




















