एलडीए के बायो-डायवर्सिटी पार्क में मिली एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी को इंट्री, ‘जीन बैंक’ बनाने से चलाने तक की करेगी देखरेख

जीन बैंक
निजी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू करते एलडीए के अफसर व इंजीनियर।

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। गोमतीनगर में 14 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे लखनऊ विकास प्राधिकरण के गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में लखनऊ विश्‍वविद्यालय समेत राजधानी की सभी सरकारी यूनिवर्सिटी को दरकिनार कर एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी को इंट्री दे दी गयी है। यह यूनिवर्सिटी बायो-डायवर्सिटी में बनने वाले पेड़-पौधों के ‘जीन बैंक’ के निर्माण से लेकर संचालन तक की देख-रेख करेगी। इसके लिए एलडीए ने एमिटी विश्‍वविद्यालय के साथ करार किया है, हालांकि प्राधिकरण ने सरकारी विश्‍वविद्यालयों को पीछे छोड़ते हुए ऐसा क्‍यों किया इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने आज एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ एम.ओ.यू. दस्तावेज पर साइन कर जीन बैंक के निर्माण को हरी झंडी दी है।

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एमओयू के बाद प्रथमेश कुमार ने एक प्रेस नोट जारी कर मीडिया से कहा कि प्राधिकरण ने सहारा ग्रुप को लीज पर दी गयी ग्रीन बेल्ट की 75 एकड़ जमीन वापस ली है। जिसमें से पहले चरण में 25 एकड़ में 14 करोड़ की लागत से बायो-डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा। पार्क में तेजी से काम चल रहा और सिविल कार्य पूरा होने वाला है। उन्होंने बताया कि पार्क में लगभग दो एकड़  में ‘जीन बैंक’ निर्मित किया जाएगा। जिसके लिए एमिटी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू साइन किया गया है।

पौधों की दुर्लभ प्रजातियों को मिलेगा संरक्षण

जीन बैंक की जरूरत के बारे में उपाध्यक्ष ने कहा कि दुर्लभ पौधों एवं बीजों की विभिन्न प्रजातियां, जो वर्तमान में विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्हें इस विशेष लैब के माध्यम से संरक्षित करते हुए पार्क में रोपित किया जाएगा। इसमें विशेष तौर पर औषधीय पौधों के संरक्षण को बल दिया जाएगा, जोकि मानव जीवन के लिए अनमोल हैं। यह परियोजना भावी पीढ़ी के लिए कृषि जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जैव-विविधता से रूबरू होंगे विद्यार्थी

वीसी ने कहा कि गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में बनने वाले इस जीन बैंक के माध्यम से विद्यार्थियों को जैव विविधता के बारे में प्रशिक्षित किया जा सकेगा। जिसके लिए एमिटी विश्वविद्यालय के सहयोग से लैब में फील्ड बायोलॉजिस्ट व अन्य विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। पार्क में घूमने आने वाले छात्र-छात्राओं को पौधों, पक्षियों, जीव-जंतुओं एवं कीट-पतंगों आदि की जानकारी देते हुए जैव विविधता से रूबरू कराया जाएगा। जिससे यह पार्क ईको-टूरिज्म के साथ ही शैक्षिक दृष्टि से भी अहम साबित होगा।

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एमओयू के दौरान एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, उद्यान अधिकारी शशि भारती व सहायक अभियंता विशाल यादव के अलावा एमिटी विश्‍वविद्यालय के प्रति कुलपति अनिल वशिष्ठ, प्रोफेसर शालिनी सिंह विसेन व असिस्टेंट प्रोफेसर कोमल पाण्डेय भी मौजूद रहीं।