जंक फूड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मोदी सरकार को पैकेट के सामने चेतावनी लेबल लगाने का अल्टीमेटम

जंक फूड
प्रतीकात्मक फोटो।

आरयू वेब टीम। देश में बच्चे और बड़ों में मोटापे की समस्या 20 साल में पांच गुना तक बढ़ गई है। साल 2000 से 2022 के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर दो प्रतिशत से बढ़कर दस प्रतिशत हो गई है। इस बाबत दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता है। केंद्र को जंक फूड के पैकेट पर सामने की ओर ही चेतावनी लेबल लगाने के अपने आदेश को लागू करना होगा। इसके लिए कोर्ट ने मोदी सरकार को दो हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर केंद्र इसे स्वयं करता है, तो अच्छी बात है, नहीं तो हम आगे के लिए निर्देश जारी करेंगे। हमें केंद्र की वो दलीलें मंजूर नहीं हैं जिनमें कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों, विशेष रूप से विकसित देशों के मानकों के बराबर होना संभव नहीं है। इस दलील के मुताबिक तो क्या भारत को एक अविकसित देश बने रहना चाहिए? जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि यही वह प्रश्न है जिसे हम केंद्र के विचारार्थ रख रहे हैं।

जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने आदेश में खाद्य सुरक्षा के मुद्दे को अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन के अधिकार से जोड़ा है। ये आदेश गैर सरकारी संगठन ‘3S एंड अवर हेल्थ सोसाइटी’ द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में आया है। याचिकाकर्ता के वकील राजीव शंकर द्विवेदी ने अपनी दलीलों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को कई साल बीत गए हैं। इतने समय में सरकार ने इस दिशा में कुछ नहीं किया जबकि जंक फूड खाने से लोगों की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है।

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सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश ऐसे समय में आया है जब सरकार जंक फूड उत्पादों पर पैकेट के सामने चेतावनी लेबल लगाने में इच्छुक नहीं दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिक नमक, चीनी, संतृप्त वसा और कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। स्वस्थ विकल्प चुनने में मदद करने के लिए स्पष्ट पोषण संबंधी जानकारी प्रदर्शित करना आवश्यक है।

बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, भारत के अति-प्रसंस्कृत खाद्य बाजार में 2009 और 2023 के बीच 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि मोटापे में कथित तौर पर पांच गुना तक वृद्धि देखी गई है।

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