आरयू वेब टीम। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर करणी सेना ने घोषणा कि है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने योगी सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बेहतर बताते हुए कहा कि उन्हें काम करने की पूर्ण स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। योगी को हिंदुत्व का वैश्विक ब्रांड बताते हुए करणी सेना का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्णयों की अपेक्षा की।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक व सामाजिक परिवेश में संगठन की भूमिका की मीडिया को जानकारी दी।
अम्मू ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में बताया कि वे 2009 में लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने बसपा और फिर भाजपा के साथ काम किया, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ लिया।
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वहीं अम्मू ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण के सरलीकरण और इसे आर्थिक आधार पर दिए जाने की वकालत की। उन्होंने रिवर फ्रंट परियोजना पर भी टिप्पणी की और कहा कि ओवैसी, आजम खान तथा स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोगों को बोलने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने ‘वी लव सनातन’ का नारा देते हुए हिंदू धर्म के प्रतीकों से खिलवाड़ बर्दाश्त न करने की बात कही।
इस दौरान अम्मू ने खुद को कारसेवक और बाबरी मस्जिद तोड़ने वालों में शामिल बताते हुए अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में राम के वंशजों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। उन्होंने धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त की।




















