आरयू वेब टीम। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में आए 5.4 तीव्रता के भूकंप का झटका पश्चिम बंगाल के कोलकाता और पश्चिम बंगाल के आस-पास के जिलों में महसूस किए गए। भूकंप का झटके इतने तेज था कि कोलकाता में बहुमंजिला इमारतें कुछ सेकेंड तक हिलती रहीं। जिससे दहले लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर भागे।
दोपहर करीब 1.20 बजे आए भूकंप से कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में भी लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। कई इमारतों में बंद पड़े सीलिंग फैन तक हिलते नजर आए। कुछ पुराने मकानों के झुकने की भी खबर सामने आई, हालांकि अब तक बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 27 फरवरी को कोलकाता और आस-पास के इलाकों में 5.0 मैग्नीट्यूड के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का सेंटर बांग्लादेश में खुलना से 26 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। रिएक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.9 बताई गई है। भारत और बांग्लादेश की सीमा पर भूकंप के झटकों का काफी ज्यादा तीव्रता से महसूस किया गया। दिन में आए भूकंप से लोग दहशत में आ गए।
नेपाल में भूकंप के झटके
वहीं नेपाल के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र नेपाल के संखुवासभा जिले में था, जिसकी वजह से आस-पास के कई जिलों में झटके महसूस किए गए। भूकंप शुक्रवार तड़के तीन बजकर 18 मिनट पर आया। जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक आए झटकों ने उन्हें घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। भूकंप का मुख्य केंद्र काठमांडू से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व में स्थित संखुवासभा-ताप्लेजंग सीमा क्षेत्र के पास टोपके गोला में था।
संखुवासभा के अलावा नेपाल के कई अन्य पूर्वी जिलों में भी लोगों ने कंपन महसूस किया। भोजपुरस पंचथरस तेहरथुम और ताप्लेजंग जिले के लोगों ने भी भूकंप के झटके महसूस किए। संखुवासभा के अलावा नेपाल के कई अन्य पूर्वी जिलों में भी लोगों ने कंपन महसूस किया। भोजपुरस पंचथरस तेहरथुम और ताप्लेजंग जिले के लोगों ने भी भूकंप के झटके महसूस किए।
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इससे पहले, सिक्किम में गुरुवार को भूकंप के 4.6 और 3.5 तीव्रता वाले झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र ग्यालशिंग जिले के युक्सोम से चार किमी उत्तर-पूर्व में दस किलोमीटर की गहराई में था। मांगन जिले में दोपहर 12 बजकर 17 मिनट पर 3.5 तीव्रता वाला भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया। इसका केंद्र गंगटोक से 11 किमी उत्तर-पश्चिम में दस किमी की गहराई पर था

















