आरयू ब्यूरो,
लखनऊ। जनता अदालत में आने वाली शिकायतों को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण बेहद लापरवाह है। इस वजह से शिकायतों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। खास बात यह कि समस्याओं का निस्तारण न होने की वजह से बार-बार वही लोग एलडीए के चक्कर लगा रहे हैं जो पहले भी दर्जनों बार आ चुके हैं। ऐसा ही गुरुवार को भी जनता अदालत में देखने का मिला।
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बसंत कुंज आश्रयहीन कॉलोनी में कब्जे के लिए पहुंची पुष्पा हो या फिर कल्पतरु अपार्टमेंट के आवंटी या फिर राजेश सिंह, ये सभी जनता अदालत में कई बार आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या जस की तस है। अफसर व इंजीनियरों के निस्तारण की स्पीड का अंदाजा इस बात से भी लग जाता है कि गुरुवार को 79 शिकायतों में से महज एक का ही निस्तारण हो सका।
ग्रीन बेल्ट में आया मकान, वर्ष 1992 से भटक रहे
जनता अदालत में पहुंचें संतोष कुमार बाजपेयी के मुताबिक, उन्होंने नकद क्रय योजना के तहत भूखंड संख्या सी-62, डी-1, 236 वर्ग मी. कानपुर रोड योजना में दिया गया था, जिसकी रजिस्ट्री वर्ष 1992 में हो गई थी, लेकिन अभी तक भौतिक कब्जा नहीं मिला। उक्त भूखंड पर अब नलकूप लग चुका है। बताया गया है कि वह जमीन ग्रीन बेल्ट में चली गई। इसलिए कब्जा नहीं मिला जबकि हमारे साथ के पीडि़त लोगों में से छह को दूसरी जगह समायोजित कर दिया गया है। लिहाजा, बचे हुए लोगों को भी समायोजित किया जाए।
अवैध निर्माण के प्रेम में भाजपा पार्षद की भी नहीं हो रही सुनवाई

जनता अदालत में पेपर मिल कालोनी से पार्षद राजेश सिंह की ओर से शिकायत की गई। शिकायत में कहा गया कि पेपर मिल कालोनी के मकान संख्या 306 के सामने प्लॉट पर अवैध रूप से स्कूल का निर्माण कराया जा रहा है। जिस ओर स्कूल का मुख्य द्वार है, उस ओर वाहनों का आना जाना है। इससे दुर्घटना संभव है। स्कूल का एलडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं है। लिहाजा, उसके निर्माण को रोका जाए। पार्षद के लेटर पैड पर शिकायत लेकर आए पार्षद के भाई गुड्डू ने बताया कि इससे पहले भी वह एलडीए उपाध्यक्ष समेत अन्य लोगों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की गयी।
पुष्पा के घर पर दबंगों का कब्जा

बसंत कुंज आश्रयहीन कॉलोनी स्थित अपने मकान में कब्जा पाने के लिए आज एक बार फिर पुष्पा जनता अदालत पहुंची। पुष्पा का कहना था कि एक दशक से ज्यादा समय से पहले मकान आवंटित किया गया था, लेकिन एलडीए के कर्मचारियों ने उसपर दबंगों का गलत तरीके से कब्जा करा दिया। एलडीए से मकान पर कब्जे के लिए वह अब तक सौ से ज्यादा चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल सका।
घरों में सफाई कर अपना व परिवार का पेट पालने वाली पुष्पा ने बताया कि किडनी की बीमारी के चलते पति का ऑपरेशन होने वाला है, जिसकी वजह से उनका जीवन और कष्ट में बीत रहा है। वहीं लाख मिन्नतें करने के बाद भी उन्हें एलडीए से राहत नहीं मिल रही।
रजिस्ट्री के लिए वॉकर लेकर आया फालिज रोगी
पैरालेसिस का अटैक होने के चलते चलने में असमर्थ राम प्रताप की तकलीफ है कि उनकी रजिस्ट्री नहीं हो रही, जबकि उन्हें सारी रकम जमा किए लंबा वक्त गुजर चुका है। वॉकर पर अपनी पत्नी व बेटे के साथ आए राम प्रताप ने बताया कि वह सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं। कई वर्ष पहले कानपुर रोड स्थित एलडीए कालोनी में डीएस 186 भवन आवंटित हुआ। सारा रुपया भी जमा कर दिया, फिर भी रजिस्ट्री के लिए टरकाया जा रहा है। ऐसे में इस हालत में भी यहां आने को मजबूर होना पड़ा है।
जनता अदालत में सुनवाई के दौरान एलडीए सचिव एमपी सिंह, अपर सचिव अनिल भटनागर, मुख्य अभियंता इन्दु शेखर सिंह, ओएसडी राजेश शुक्ला, ओएसडी राजीव कुमार, नजूल अधिकारी विश्व भूषण मिश्र, व्यवस्थाधिकारी अशोक पाल सिंह समेत तमाम अधिकारी, इंजीनियर व कर्मचारी मौजूद रहें।