आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट में किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस मुलाकात के सियासी और सामाजिक मायने तलाशे जा रहे हैं। हालांकि राकेश टिकैत ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया।
राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से किसानों के हितों और जनसामान्य से जुड़े मुद्दों पर बात की। टिकैत ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “आज उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और किसानों व जनहित के विषयों पर चर्चा की।”
वहीं ब्रजेश पाठक ने भी इस मुलाकात को सौहार्दपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने बीकेयू के वरिष्ठ नेता से कुशलक्षेम पूछा। इस मुलाकात में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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ये मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राकेश टिकैत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं और 2020-21 के किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। उनकी अगुवाई में भारतीय किसान यूनियन ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाया था, जिसके बाद इन कानूनों को निरस्त किया गया। ऐसे में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ टिकैत का यह संवाद सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि इस मुलाकात को दोनों नेताओं ने शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह पंचायत चुनावों से पहले किसानों के मुद्दों को हल करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम हो सकता है। गन्ना बकाया, बिजली दरों में वृद्धि, और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास जैसे मुद्दे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में हैं।




















