आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ मंडल में रेल पटरियों के सुधार करने के लिए स्लीपर बदलने का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके चलते दो अप्रैल से 13 मई तक कई प्रमुख ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इस बदलाव का सीधा असर कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे द्वारा लिए गए इस निर्णय के अनुसार आगरा-लखनऊ इंटरसिटी (12180) अब अपने निर्धारित मार्ग टूंडला, इटावा, फफूंद और कानपुर से होकर नहीं जाएगी।
इसके बजाय ये ट्रेन आगरा फोर्ट से मथुरा, कासगंज और शाहजहांपुर के रास्ते लखनऊ पहुंचेगी। वहीं नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस (12004) भी अब गाजियाबाद और मुरादाबाद के रास्ते संचालित होगी। रूट परिवर्तन के कारण पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे पूछताछ कार्यालय के अनुसार कई यात्री अपने टिकट निरस्त करवा रहे हैं।
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खासकर कानपुर-लखनऊ के बीच रोजाना नौकरी या व्यापार के लिए आने-जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। अब यात्रियों के पास सीमित विकल्प ही बचे हैं। सुबह चार बजे अवध एक्सप्रेस और इसके बाद पैसेंजर ट्रेनें ही सहारा हैं, जिनसे यात्रा में अधिक समय लग रहा है। इटावा और आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों का कहना है कि पहले इंटरसिटी ट्रेन उनके लिए सबसे सुविधाजनक साधन थी, लेकिन अब उन्हें अपने समय में बदलाव करना पड़ रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अनुसार ये बदलाव अस्थायी है और पटरियों की मजबूती के लिए आवश्यक है। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन पुनः सामान्य कर दिया जाएगा।




















