आरयू वेब टीम।
आज राज्यसभा में विपक्ष ने मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला बोला। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के नोटबंदी के निर्णय को लागू करने के तरीके को पूरी तरह विफल करार देते हुए कहा कि इसके कारण देश भर में जमकर ‘संगठित‘ और ‘कानूनी लूट मार’ हुई है। आम आदमी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
दूसरी ओर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 2जी के समय सदन में दो दिन बहस चली थी। मनमोहन सिंह दोनों दिन मौजूद रहे, लेकिन अभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्यों नहीं रह सकते।
‘प्रधानमंत्री बताएं किसी देश का नाम जहां आदमी खुद का पैसा नहीं निकला सकता’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णय लागू करते समय लोगों की दिक्कत का ध्यान रखना जरूरी था। 60 से 65 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री कह रहे 50 दिन इंतजार कीजिए। क्या वह किसी ऐसे देश का नाम बता सकते है, जहां लोग अपना पैसा ही नहीं निकाल सकतेे हो। इन सबसे मुद्रा प्रणाली में विश्वास कम होगा। नब्बे प्रतिशत आम आदमी और 55 प्रतिशत कामगार परेशानी में है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री लोगों को राहत दिलाने के लिए कोई व्यवाहरिक उपाय करेंगे।
‘नोटबंदी पर पूरी तरह से विफल हो गई सरकार’
मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस काले धन तथा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी के विरोध में नहीं है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके में सरकार पूरी तरह विफल हो गई। मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की दलील है कि, नोटबंदी काले धन पर अंकुश लगाने तथा आतंकवादियों को हो रही फंडिंग रोकने के लिए उठाया गया है। वह इससे असहमत नहीं हैं, लेकिन इस निर्णय को लागू करने में सरकार ने भारी गलतियां की हैं।
जिनके राज में 2जी घोटाला हुआ, उन्हें नोटबंदी में दिख रही भारी भूल: अरुण जेटली
विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया कि चर्चा के लिए विपक्ष की कोई तैयारी नहीं है, इसलिए विपक्ष बहस के लिए अनुचित शर्तें रख रहा है। मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके नेतृत्व में चली सरकार में 2जी जैसे घोटाले हुए है। आज उन्हें कालेधन के खिलाफ कार्रवाई भारी भूल लग रही है।




















