आरयू वेब टीम।
अभिनेताओं के साथ ही कैंपेन मीटू की जद में आए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उनपर जो आरोप लगे हैं यह देखना पड़ेगा कि यह सच है या गलत। वहीं मीडिया द्वारा अकबर पर एक्शन लेने के सवाल को अमित शाह टालते हुए कहा कि ‘इस पर जरूर सोचेंगे।
बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि ”देखना पड़ेगा कि यह सच हैं या गलत। हमें उस शख्स के पोस्ट की सत्यता जांचनी होगी, जिसने आरोप लगाए हैं। अकबर का बचाव करते हुए शाह ने कहा कि मेरा नाम इस्तेमाल करते हुए भी आप कुछ भी लिख सकते हैं।
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वहीं विरोधियों से घिरे इस मामले पर एमजे अकबर को कल केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता उमा भारती का साथ मिला था। उन्होंने कहा था, “वे इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहती। अकबर से जुड़ा मामला तब का है जब वे केंद्र सरकार में मंत्री नहीं थे। यह मामला पूरी तरह महिला और अकबर के बीच है। लिहाजा वे इस पर कुछ नहीं कह सकती।”
मालूम हो कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि उनका मंत्रालय विधि विशेषज्ञों की समिति बनाने की योजना बना रहा है जो ‘मीटू’ अभियान में सामने आए यौन उत्पीड़न के आरोपों को देखेंगे, मेनका ने केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर खुलकर कुछ नहीं कहा।
मेनका गांधी ने कहा,‘‘मैं उन सब पर विश्वास करती हूं। मैं प्रत्येक शिकायतकर्ता के दर्द और सदमे को समझती हूं। मैं एक कमेटी के गठन का प्रस्ताव भेज रही हूं, इसमें वरिष्ठ न्यायिक एवं कानूनी अधिकारी सदस्य होंगे। यह कमेटी मीटू अभियान के तहत आये सभी मसलों को देखेगी।’’
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