आरयू वेब टीम।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन को लेकर आज एक बड़ा आदेश दिया है। एनजीटी ने अब तीर्थयात्रियों की संख्या सीमा तय कर दी है। जिसके अनुसार अब एक दिन में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु माता वैष्णव के दर्शन नहीं कर सकेंगे। ट्रिब्यूनल ने यह फैसला पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप लिया है।
आंकड़ों के अनुसार 1990 के बाद वैष्णव देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हो रही है। साल 1991 के 30 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं के सलाना दर्शन से बढ़कर यह संख्या एक करोड़ के आसपास पहुंच गयी है। इसको देखते हुए ट्रिब्यूनल ने ऐसा निर्णय लिया है। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि यदि संख्या तय सीमा से अधिक होती है तो तीर्थ यात्रियों को कटरा या अर्द्धकुमारी में रोक दिया जाएगा। साथ ही वैष्णो देवी में केवल पैदल चलने वालों और बैटरी से चलने वाली कार के लिए एक विशेष रास्ता 24 नवंबर से खुलेगा।
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बताते हैं कि वैष्णो देवी हिंदुओं का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जो जम्मू के त्रिकूटा पर्वत पर समुद्र तट से 5200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। देश भर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए जाते हैं। ठंड के मौसम में दर्शन करने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। इस कारण चुनौतियां बढ़ जाती हैं।
आइएं डालते है दर्शन करने वालों के सालान आंकड़ें पर एक नजर
1991 : 31.5 लाख
1996 : 40 लाख
2000 : 50 लाख
2004 : 60 लाख
2007 : 74.17 लाख
2008 : 67.02 लाख
2009 : 82 लाख
2010 : 87.2 लाख
2011 : 1.01 करोड़
2012 : 1.04 करोड़
2013 : 93 लाख 23 हजार
2014 : 78 लाख तीन हजार।
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