आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार को विराम लगा दिया है। राजभर ने कहा कि यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच संपन्न कर लिए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर के माध्यम से होंगा।
ओपी राजभर ने आज बताय कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी 2026 को होगा। उन्होंने संभावित उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे अंतिम सूची आने से पहले अपने समर्थकों के नाम जुड़वाना सुनिश्चित करें। साथ ही बताया कि यूपी के हर जिले में चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और बैलेट पेपर सभी जिलों में पहुंच चुके हैं।
वहीं चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव होंगे।
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किसी शंकराचार्य के बयान से नहीं बदलेगा संविधान
इस दौरान ओपी राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश संविधान के अनुसार चलता है और किसी शंकराचार्य के बयान से संविधान नहीं बदलेगा। सरकार संविधान के अनुसार ही चल रही है और किसी के कहने से नया कानून नहीं बनेगा। पंचायती राज मंत्री ने साफ किया कि पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे और यूपी सरकार इसकी पूरी तैयारी कर चुकी है।




















