आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में मायावती ने मंगलवार को लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में यूपी स्टेट और जिला पदाधिकारियों की बैठक की। जिसमें बसपा की जमीनी और आर्थिक मजबूती तथा चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान पूर्व सीएम ने आगामी विधानसभा चुनाव में आपराधिक तत्वों को टिकट न देने की कही है।
बसपा पदाधिकारियों को संबोधित कर मायावती ने कहा कि जनता सरकार की उदासीनता से परेशान है और बसपा से उम्मीद लगाए हुए है। ऐसे में बसपा कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करें। साथ ही रोटी-रोजी, महंगाई और बेरोजगारी को प्रदेश की बड़ी समस्या बताते हुए मायावती ने कहा कि ‘आत्मनिर्भरता’ को केवल नारा नहीं, बल्कि जमीन पर लागू करने की जरूरत है। आगे कहा कि विकास सर्वजन हिताय होना चाहिए, केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं।
वहीं 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती बड़े स्तर पर मनाने की घोषणा कर मायावती ने आरक्षण और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना भी की। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश सर्वजन-हितैषी गरीब-समर्थक व रोजगार-युक्त विकास नहीं प्राप्त कर पा रहा है। केवल कुछ मुट्ठी भर सत्ताधारी लोगों के विकास से देश, प्रदेश व व्यापक जनहित कैसे संभव? इस पर विशेष ध्यान देकर बहुजन हितैषी विकास की देश व उत्तर प्रदेश को सख्त जरूरत है।
यह भी पढ़ें- मायावती का दावा, कांग्रेस रोड़ा नहीं अटकती तो BSP सरकार में पूरा होता नोएडा एयरपोर्ट, सपा पर भी लगाया कई आरोप
वहीं बिना नाम लिए भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि यूपी में रोटी-रोजी के पहले से जटिल समस्या अब और भी विकट रूप धारण कर रही है, जबकि सरकारें ज्यादातर मामलों में अभी भी अपनी जुमलेबाजी व वादों आदि से लोगों की भूख-प्यास को मिटाना चाहती हैं, यह अति-दुखद है। आत्मनिभर्रता केवल स्लोगन नहीं बल्कि इसको पूरी तत्परता व ईमानदारी के साथ वास्तविकता में बदलने की जरूत है तभी देश में हर हाथ को काम मिलकर बहुजनों का जीवन यहां बेहतर होगा। इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर पर अत्यधिक आश्रित होकर क्या देश स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर बन सकता है, इस पर भी गंभीर चिंतन जरूरी है।




















