आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी में नये बिल्डिंग बायलॉज लागू होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी आमदनी बढ़ाने व अवैध निर्माण की ठेकेदारी पर लगाम लगाने की कोशिश में लग गया है। आज इसी क्रम में प्राधिकरण के अफसरों ने अपने कार्यालय से निकलकर विभिन्न जगाहों पर इकट्ठा बिल्डर व व्यापारियों से मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें अवैध बिल्डिंग का नए प्रावधानों के तहत शमन मानचित्र पास कराते हुए निर्माण वैध कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन व नियोजन विभाग की टीम ने आशियाना, महानगर और चारबाग क्षेत्र में लोगों के साथ बैठक की। इस दौरान खासकर सरकारी व प्राइवेट लोगों की ब्लैकमेलिंग से परेशान बिल्डर व व्यापारियों ने राहत की सांस लेते हुए नये बिल्डिंग बायलॉज का खुले मन से स्वागत किया।
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आशियाना स्थित होटल स्काई हिल्टन में आयोजित बैठक में एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, सीटीपी केके गौतम व जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी पहुंचे। उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया कि नये बायलॉज में पुराने कई नियमों को शिथिल करते हुए भवन निर्माण में काफी सहूलियतें व छूट दी गयी है।
7.5 मीटर चौड़ी सरकारी सड़कों पर नक्शा पास
इस दौरान आशियाना निवासी दिनेश कुशवाहा ने पूछा कि उनका प्लॉट 7.5 मीटर चौड़ी सड़क पर है। क्या वहां मकान का नक्शा पास हो सकेगा? जवाब मिला-जी हां, विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध कालोनियों को छोड़कर आवासीय भू-उपयोग में एलडीए, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी समेत अन्य सरकारी विभागों की नौ मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर एकल आवासीय भवन मानचित्र कुछ शर्तों के साथ पास किया जाएगा।
पुराने निर्माणों का भी होगा शमन
वहीं अन्य लोगों ने पूछा कि अगर पूर्व में निर्माण किया गया है तो क्या फिर नये बायलॉज के हिसाब से शमन मानचित्र पास हो जाएगा। इस पर अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में निर्मित सभी तरह के भवनों का शमन मानचित्र नये बायलॉज के तहत कराया जा सकता है।
वहीं, चारबाग के होटल विश्वनाथ में बिल्डर व व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ आयोजित बैठक में संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह व जोनल अधिकारी वन्दना पाण्डेय ने नये बिल्डिंग बायलॉज को लेकर लोगों के सवालों का जवाब दिया।
आवासीय प्लॉट पर भी हो सकेगे व्यापार
इस दौरान व्यापारियों ने आवासीय भू-उपयोग में व्यावसायिक भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के बारे में सवाल पूछे। जवाब में बताया गया कि अगर प्लॉट 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित है तो 33 प्रतिशत व्यावसायिक, 33 प्रतिशत ऑफिस स्पेस व 34 प्रतिशत आवासीय उपयोग में नक्शा पास हो जाएगा। इसमें अगर दो उपयोग का विकल्प लिया जाएगा तो 49 प्रतिशत व्यावसायिक व 51 प्रतिशत आवासीय उपयोग में मानचित्र स्वीकृत होगा।
100 वर्गमीटर तक नहीं पास कराना पड़ेगा नक्शा
इसके अलावा 100 वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल में भवन मानचित्र नहीं पास कराना पड़ेगा, सिर्फ एक रूपये शुल्क देकर पंजीकरण कराना होगा।
इसी तरह महानगर में क्लासिक चौराहे के पास व्यापार मंडल के सहयोग से निजी होटल में आयोजित की गयी बैठक में प्रवर्तन जोन पांच के जोनल अधिकारी विराग करवड़िया व उनकी टीम ने लोगों को नये बायलॉज की बारीकियों से अवगत कराया।
व्यापारी बोले, बहुत जरूरी था बदलाव
वहीं आवासीय प्लॉट पर व्यापार करने वाले सरकारी विभागों व प्राइवेट लोगों की ब्लैकमेलिंग से परेशान व्यापारियों ने सभी जगहों पर न्यू बिल्डिंग बायलॉज एंड जोनिंग रेग्यूलेशन-2025 की जमकर सराहना की। बिल्डर व व्यापारियों ने कहा कि यह बदलाव आम आदमी की जरूरतों के लिहाज से बेहद जरूरी था। इससे न सिर्फ उन्हें आए दिन सरकारी व प्राइवेट लोगों द्वारा बिल्डिंग सील और ध्वस्तीकरण करने व कराने वाली ब्लैकमेलिंग से राहत मिलेगी, बल्कि नियोजित विकास को भी गति मिलेगी और अधिक से अधिक संख्या में लोग नियमानुसार नक्शा पास कराने के लिए आगे आएंगे।



















