आरयू वेब टीम। उन्नाव में नाबालिग से रेप केस के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने निलंबित कर दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने कुलदीप से 15 लाख रुपये का बॉन्ड भरने और दिल्ली में उस जगह के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जानें का निर्देश दिया है, जहां पीड़िता रहती है।
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका के लंबित रहने के दौरान सजा को निलंबित रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सेंगर के वकील से कहा कि ये पक्का करें कि अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो सजा का बाकी हिस्सा पूरा करने के लिए मौजूद रहे। पीड़ित या मां को धमकी न देने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अलावा सेंगर को अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा। वहीं, हफ्ते में एक बार, हर सोमवार सुबह दस बजे लोकल पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। दरअसल सेंगर ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जो अभी लंबित है।
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बता दें कि कुलदीप सेंगर ने 2017 में नाबालिग लड़की को किडनैप कर रेप किया था। रेप केस और दूसरे जुड़े हुए केस एक अगस्त, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यूपी के एक ट्रायल कोर्ट से दिल्ली ट्रांसफर कर दिए गए थे। पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ केस में अपनी सजा के खिलाफ सेंगर की अपील भी पेंडिंग है, जिसमें सेंगर ने इस आधार पर सजा सस्पेंड करने की मांग की है कि वह पहले ही काफी समय जेल में बिता चुके हैं। उन्हें कस्टोडियल डेथ केस में दस साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
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