राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल की बदहाली पर एलडीए उपाध्‍यक्ष नाराज, तीन सुपरवाइजर समेत व्‍यवस्‍थापक को भी कर दिया निलंबित

राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल का निरीक्षण करने पहुंची एलडीए अफसरों की टीम। (फाइल फोटो)

आरयू ब्‍यूरो, लखनऊ। नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल की बदहाली के मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्‍यक्ष व स्मारक समिति के सदस्य सचिव प्रथमेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। वीसी ने काम में लापरवाही बरतने वाले तीन सुपरवाइजर के साथ ही व्‍यवस्‍थापक को भी सोमवार देर शाम निलंबित कर दिया है।

सदस्य सचिव ने एडमिनिस्ट्रेटर व तीन सुपरवाइजर पर यह कार्रवाई मामले की रिपोर्ट आने के बाद की है। साथ ही प्रेरणा स्‍थल से संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए 30 दिनों के अंदर व्‍यवस्‍था सुधारने का अल्टीमेटम दिया है। इसके अलावा वीसी ने स्मारक में की जा रही मूर्तियों की मरम्मत, पेंटिंग व पॉलिश जैसे कामों में तेजी लाने के भी आज निर्देश दिये हैं।

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बताते चलें कि वीसी ने बीते दिनों नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल, ग्रीन गार्डेन में व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए स्मारक समिति के मुख्य प्रबंधक विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। कमेटी में एलडीए सचिव के अलावा कार्यवाहक चीफ इंजीनियर अवनीन्द्र सिंह, ईई संजीव गुप्ता, उद्यान अधिकारी शशि भारती व स्मारक समिति के व्यवस्थापक (सिविल) अंजनी कुमार को शामिल किया गया था।

कमेटी को मिलीं थीं ये कमियां

प्रथमेश कुमार के निर्देश पर कमेटी 30 दिसंबर को 83 एकड़ में फैले दलित प्रेरणा स्‍थल का निरीक्षण करने पहुंची तो उसे विद्युत व हॉर्टीकल्‍चर के कामों में ढेरों कमियां मिलीं। साथ ही यह भी पता चला कि स्मारक में लगे सभी फव्वारे काफी समय से बंद पड़े हैं। निरीक्षण में पाया गया कि पूरे स्मारक में सिर्फ टूटी लाइटें ही लगी हैं, जिसमें से ज्यादातर खराब हैं। इसके अलावा परिसर में लैम्प पोस्ट लाइटिंग न होने की वजह से पर्याप्त मात्रा में रोशनी नहीं रहती है।

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कमेटी से हालात का पता चलने पर वीसी ने जिम्‍मेदारी तय करने के लिए काम में लापरवाही बरतने वाले अफसर-कर्मियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थीं। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि स्मारक के व्यवस्थापक (सिविल/सैनिटेशन) पंकज सिंह व सुपरवाइजर जितेन्द्र सिंह के अलावा उद्यान के सुपरवाइजर निशांत वालिया व सुपरवाइजर प्रीतम सिंह ही प्रेरण स्‍थल की बदहाली के लिए जिम्‍मेदार हैं।

अधिकारियों की रिपोर्ट पर वीसी ने व्यवस्थापक समेत तीनों कर्मचारियों को निलंबित करते हुए लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया है। वहीं सदस्‍य सचिव ने स्‍मारक में 4.6 करोड़ रूपये की लागत से प्रेरणा स्‍थल में कराये जा रहे सिविल व अन्‍य कार्यों में तेजी लाने के भी आज निर्देश दिये हैं।

काम नहीं करने के लिए बदनाम स्‍मारक कर्मी

गौरतलब है स्‍मारक समिति के कर्मी व अफसर कार्य में लापरवाही बरतने के लिए अकसर विवादों में रहें हैं। पहले भी स्‍मारक व पार्कों की ड्यूटी से लगातार गायब रहने के चलते इन पर कार्रवाई हो चुकी है।

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गोल्‍फ कार्ट के नाम पर बना डाली 90 लाख की फर्जी फाइल!

वहीं पिछले दिनों गोल्‍फ कार्ट की खरीद के नाम पर करीब 90 लाख रुपये की फर्जी फाइल बनाने को लेकर भी स्‍मारक समिति से जुड़े अफसरों की भूमिका शक के घेरे में थीं। वीसी ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि फाइल की धनराशि को अनावश्‍यक ढ़ंग से 90 लाख तक पहुंचा दिया गया है, हालांकि उपाध्‍यक्ष ने पूरी फाइल कैंसिल करने के साथ ही अधिकारियों को चेतावनी देने के बाद छोड़ दिया था।

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