आरयू वेब टीम। कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की मौत को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि काम का अत्यधिक बोझ बीएलओ और मतदान अधिकारियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का ‘‘जल्दबाजी’’ में किया गया अमल नोटबंदी और कोविड- 19 लॉकडाउन की याद दिलाता है।
यह भी पढ़ें- यूपी समेत 12 राज्यों के SIR पर खड़गे-राहुल ने किया मंथन, चुनाव आयोग से कहा, साबित करें नहीं कर रहें भाजपा के लिए काम
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा की ‘वोट चोरी’ अब जानलेवा रूप ले चुकी है। साथ ही ‘एक्स’ पर एक रिपोर्ट साझा किया जिसमें दावा किया गया है कि मतदाता सूची के एसआइआर के दौरान 19 दिन में 16 बीएलओ की मौत हो चुकी है। खड़गे ने आरोप लगाया कि काम का अत्यधिक बोझ बीएलओ और मतदान अधिकारियों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है।
भाजपा ने चोरी से हासिल की सत्ता
साथ ही दावा किया कि ‘‘मेरी संवेदनाएं हर उस परिवार के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।जमीनी हकीकत की बात करें तो मृतकों की वास्तविक संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है। इन परिवारों को न्याय कौन दिलाएगा?’’ खड़गे ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा चोरी से हासिल सत्ता की मलाई खाने में व्यस्त है और निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।’’
संविधान की धज्जियां उड़ा रही…
कांग्रेस ने दावा किया, ‘‘एसआइआर का जल्दबाजी में, अनियोजित तरीके से जबरन क्रियान्वयन नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाता है।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं को लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए मजबूर कर रही है, संविधान की धज्जियां उड़ा रही है और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। ‘‘बहुत हो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी स्तंभों को ढहने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और ‘वोट चोरी’ पर चुप हैं, वे इन निर्दोष बीएलओ की मौत के जिम्मेदार हैं। आवाज उठाइए, लोकतंत्र बचाइए!’’
काम को लेकर काफी तनावग्रस्त थी महिला
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीएलओ के रूप में कार्यरत एक महिला शनिवार को अपने आवास पर फंदे से लटकी हुई पाई गई। पुलिस के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने दावा किया कि वह काम को लेकर काफी तनावग्रस्त थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएलओ की मौत पर दुख जताया और कहा कि यह अब ‘‘वास्तव में चिंताजनक’’ हो गया है।




















