आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण पुरानी के साथ ही नई-नई जगहों पर हरियाली लाने व पार्कों के नाम पर सिर्फ अरबों रुपये खर्च कर रहा या इन पार्कों से प्राधिकरण को खर्च का एक हिस्सा भी आमदनी हो रही। इसकी जानकारी के लिए मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत ने सभी पार्को में होने वाले खर्चों की डिटेल व पार्कों की आमदनी समेत अन्य जरूरी जानकारी देने का प्राधिकरण को निर्देश दिया है।
कमिश्नर ने प्राधिकरण व स्मारक समिति के पार्कों के हालात सुधारने के लिए आज अधिकारियों के साथ आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक करते हुए गड़बड़ी करने वालों को भी अपने अंदाज में सुधरने की हिदायत दी है।
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खर्च-इनकम की डिटेल नहीं बता सके अफसर
बैठक में अधिकारियों ने गोमतीनगर के जनेश्वर मिश्र पार्क, राम मनोहर लोहिया पार्क, भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के अलावा गोमती रिवर फ्रंट के रख-रखाव, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, हरियाली संरक्षण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालयों की स्थिति व आगंतुक सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। हालांकि इन पार्कों की आमदनी और इनपर होने वाले खर्च के बारे में कमिश्नर को कई सालों से तैनात उद्यान के अफसर नहीं बता सके, जिसपर विजय विश्वास पंत ने जानकारी मांगी है।
जिससे असली वित्तीय स्थिति का हो आंकलन
मंडलायुक्त ने बैठक में एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि प्राधिकरण द्वारा संचालित सभी पार्कों की आय व व्यय का विस्तृत विवरण तैयार कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्क से होने वाली कुल आय जैसे प्रवेश शुल्क, पार्किंग शुल्क, आयोजन शुल्क आदि तथा उस पर होने वाले व्यय जैसे रख-रखाव, विद्युत, जल, सुरक्षा, मानव संसाधन आदि मदों की समेकित समरी तैयार कर निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत की जाए, जिससे वास्तविक वित्तीय स्थिति का आंकलन किया जा सके।
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हवा-हवाई नहीं, तथ्यपरक हो रिपोर्ट
इसके अलावा कमिशनर ने निर्देश दिया कि हर पार्क में उपलब्ध कराई जा रही सभी गतिविधियों व सुविधाओं जैसे ओपन जिम, बच्चों के खेल उपकरण, फव्वारे, लाइटिंग व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र का रख-रखाव, सांस्कृतिक/सामुदायिक कार्यक्रमों की व्यवस्था आदि का भी विस्तृत विवरण तैयार कर रिपोर्ट के साथ संलग्न किया जाए। इस दौरान कमिश्नर ने यह भी साफ कर दिया कि उन्हें गुमराह करने वाली हवा-हवाई नहीं, बल्कि रिपोर्ट तथ्यपरक, अद्यतन व तुलनात्मक विश्लेषण सहित होनी चाहिए, जिससे कि सुधारात्मक निर्णय लिए जा सकें।
साफ लिखा हो क्या-क्या करेंगे ठेकेदार
वहीं मंडलायुक्त ने आज स्मारक समिति और ठेकेदारों के कर्मियों की जनेश्वर व लोहिया जैसे पार्क में एक साथ तैनात होने की जानकारी पर आश्चर्य जताया। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि जिन एजेंसियों को पार्कों के रख-रखाव का अनुबंध प्रदान किया गया है, उनके अनुबंध में कार्यों का स्पष्ट व बिंदुवार उल्लेख होना चाहिए।
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अनुबंध में यह भी साफ अंकित हो कि संबंधित एजेंसी कौन-कौन से काम अनिवार्य रूप से करेगी, जैसे नियमित सिंचाई, घास की कटाई, वृक्षों की छंटाई, साफ-सफाई, कूड़ा निष्पादन, पौधरोपण व संरक्षण, विद्युत व लाइटिंग की देखभाल, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालयों की स्वच्छता, फव्वारों का संचालन व अनुरक्षण आदि। साथ ही, कामों की आवृत्ति, गुणवत्ता मानक व निगरानी व्यवस्था का भी स्पष्ट प्रावधान किया जाए।
नियम से निरीक्षण, तय होगी जिम्मेदारी
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए कमिश्नर ने कहा कि हर एक पार्क में एक निरीक्षण पंजिका अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। निरीक्षण करने वाला अधिकारी अपने प्रत्येक भ्रमण के समय उसमें अपने अवलोकन अंकित करेगा। इसके साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति भी स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए। इससे कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित होगी व जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
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मानक के अनुसार होनी चाहिए सफाई-अनुरक्षण
अधिकारियों को चेताते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सभी पार्कों में सफाई और अनुरक्षण का काम मानक के हिसाब से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्कों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा खराब पड़ी लाइटों, फव्वारों व अन्य उपकरणों को तत्काल ठीक कराएं। हरित पट्टियों की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ रखते हुए पौधारोपण अभियान को भी प्राथमिकता दी जाए।
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स्पष्ट हो सूचना पट्टा व बोर्ड
कमिश्नर ने पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने तथा आगंतुकों की सुविधा के लिए स्पष्ट सूचना पट्ट व दिशा सूचक बोर्ड लगाने के भी आज निर्देश दिए। इसके अलावा बच्चों के खेल उपकरणों व ओपन जिम की नियमित जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में एलडीए सचिव के अलावा एलडीए के मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत कुमार शर्मा, उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती, सहायक अभियंता विशाल यादव समेत स्मारक समिति के भी अफसर मौजूद रहें।




















