स्वतंत्र देव का सपा सुप्रीमो पर पलटवार, ‘लोकतंत्र नहीं, अखिलेश को सता रही कुर्सी की चिंता’

स्वतंत्र देव
स्वतंत्र देव सिंह। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। वोट चोरी को लेकर देशभर में माहौल गर्म है। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी इसको लेकर चुनाव आयोग व भाजपा पर हमलावर है। वहीं आज योगी सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश पर पलटवार किया है। स्वतंत्र देव ने कहा कि अखिलेश को लोकतंत्र की बजाय कुर्सी की चिंता ज्यादा सता रही है, इसीलिये वे जनता को गुमराह करने के लिए चुनाव आयोग पर हमला कर रहे हैं।

साथ ही योगी सरकार के मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले अखिलेश यादव पहले अपनी पार्टी और शासनकाल का दागदार इतिहास साफ करें तो ज्यादा बेहतर होगा। लोग उसे अब तक भूले नहीं हैं। “अखिलेश यादव लोकतंत्र के मसीहा नहीं, सपा के गुंडा-राज के वारिस हैं। उन्हें लोकतंत्र की चिंता नहीं, कुर्सी की चिंता ज्यादा है। जनता सब जानती है।

यह भी पढ़ें- संसद सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के सांसदों ने किया प्रदर्शन, वोटर लिस्‍ट पुनरीक्षण को बताया भारतीय अधिकारों की चोरी

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि सपा का मतलब गुंडा-राज और भाजपा का मतलब सुशासन। हताश राजकुमार अब आयोग पर उंगली उठाकर अपनी डूबती नैया बचाना चाहते हैं। चुनाव आयोग पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ के वह यह दिखाना चाहते हैं कि वह जनता के नेता हैं, जबकि असलियत यह है कि वह जनता का भरोसा कब का खो चुके हैं।”

हमला जारी रखते हुए स्वतंत्र देव ने कहा कि सपा का इतिहास बूथ कैप्चरिंग, मतदाता सूची में हेरफेर और चुनावी हिंसा से भरा पड़ा है। 2012 से 2017 तक यूपी में लोकतंत्र नहीं, बल्कि गुंडा-राज चला। 2009 में मैनपुरी चुनाव के दौरान एक बड़े सपा नेता की मौजूदगी में बूथ पर पुलिस पर हमला हुआ, लेकिन एफआइआर तक दर्ज नहीं हुई। यही सपा का असली चेहरा है। क्या अखिलेश वही युग वापस लाना चाहते हैं।

चुनाव आयोग पूरी तरह स्वतंत्र

योगी के मंत्री ने आज सपा सुप्रीमो पर यह भी आरोप लगाए कि अखिलेश यादव के आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। चुनाव आयोग ने जांच की और कोई सबूत नहीं पाया। सपा को चुनाव आयोग बुलाती है तो वहां अपनी बात नहीं रखते। संसद में बात नहीं रखते। सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को फटकारा है, लेकिन सोशल मीडिया पर ये लोग सफेद झूठ परोसते हैं। असलियत यह है कि हार से बौखलाए अखिलेश अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए आयोग पर उंगली उठा रहे हैं।

सपा में छीना गया मताधिकार

सपा सरकार की बात करते हुए स्‍वतंत्र देव ने मीडिया से कहा सपा के राज में विधानसभा व पंचायत चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग, नकली वोटिंग और प्रशासन पर दबाव की घटनाएं आम थीं। उस दौर में कई जिलों में चुनावी हिंसा में मौतें और गंभीर झगड़े हुए। सपा सरकार में अपराधी और बाहुबली चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बने। इतना ही नहीं माफिया सरगना खुलेआम मतदान केंद्रों पर कब्जा करते थे। लोगों के मताधिकार को छीना गया। उनकी चुनाव आयोग पर दबाव डालने की परंपरा रही है, ताकि वो सही से काम न कर सके। इसी तरह, प्रशासनिक अफसरों पर दबाव बनाकर मतदाता सूचियों में हेरफेर की शिकायतें भी आती रही।

यह भी पढ़ें- अखिलेश ने कहा, सबसे ज्‍यादा फर्जी वोट भाजपा ने बनवाएं, कमी पड़ी तो पुलिस को किया आगे