यूपी में हुआ “BlackOut”, सायरन के साथ सभी लाइटें बंद

ब्लैकआउट

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार की शाम एक खास सुरक्षा अभ्यास हुआ। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित करने का फैसला किया था। यह अभ्यास आज शाम छह बजे शुरू हुआ। इसका मकसद किसी भी संभावित आपात स्थिति, खासकर हवाई हमलों जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना है। मॉक ड्रिल के दौरान जैसे ही सायरन बजा कई जगाहों पर लोगों ने घरों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें तुरंत बंद कर दी।

प्रशासन का कहना है कि यह अभ्यास युद्ध के समय दुश्मन से लोकेशन छिपाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। अंधेरे की स्थिति में दुश्मन को किसी भी इलाके की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। इस ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग सहित कई अहम एजेंसियां हिस्सा लेंगी। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। प्रशासन ने अलग-अलग जिलों में पहले से ही स्थान चिन्हित कर लिए हैं, ताकि आम लोगों को इस सुरक्षा प्रक्रिया के बारे में सही तरीके से जागरूक किया जा सके।

ब्लैकआउट का मूल मकसद यह जांचना है कि आपात हालात में सरकारी एजेंसियां और आम नागरिक कितनी तेजी और अनुशासन के साथ प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इस अभ्यास के जरिए एनसीसी, स्काउट-गाइड और अन्य सुरक्षा संगठन भी अपनी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सरकार का संदेश साफ है, अगर भविष्य में कभी ऐसी स्थिति बने, तो घबराने के बजाय समझदारी और संयम से काम लिया जाए।

प्रशासन ने मॉक ड्रिल के दौरान कुछ नियम तय किए हैं। लोगों को अपने घरों के अंदर ही रहना था और किसी भी तरह की रोशनी बाहर नहीं जानी चाहिए। टॉर्च, मोबाइल की लाइट या माचिस जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अगर किसी खिड़की या दरवाजे से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज या कपड़ा लगाना जरूरी है। इसके अलावा धूम्रपान से बचने और अगर बाहर हों तो दौड़ने के बजाय धीरे-धीरे चलने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी या दुर्घटना न हो।

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सरकार और प्रशासन का कहना है कि इस मॉक ड्रिल की सफलता आम लोगों के सहयोग पर निर्भर करती है। यह सिर्फ एक अभ्यास है, लेकिन इसके जरिए यह समझना जरूरी है कि आपात हालात में छोटी-छोटी सावधानियां कैसे बड़ी सुरक्षा साबित हो सकती हैं। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभ्यास को गंभीरता से लें और नियमों का पूरी तरह पालन करें। ये मॉक ड्रिल यूपी की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

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