यूपी के बजट को मायावती ने बताया लोक लुभावन व सुर्खियां बटोरने की कोशिश

मायावती
फाइल फोटो।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी सरकार की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व सीएम ने कहा कि यूपी विधानसभा में आज पेश किया गया 2026-27 का बजट लोक लुभावना ज्यादा तथा जनता के वास्तविक उत्थान एवं प्रदेश में सर्व समाज व सभी क्षेत्र के विकास का कम प्रतीत होता है। फिर भी जो घोषणाएं व आश्वासन आदि जनता को देने का प्रयास किया गया है, उसका सही से समयबद्ध तरीके से अमल जरूर हो ताकि ये केवल कागजी न रह जाए।

बुधवार को अपने बयान में मायावती ने कहा कि पिछले साल के बजट का जमीनी क्रियान्वयनों का सही डाटा देकर बजट भाषण की परम्परा को वाकई में ठोस व विश्वसनीय बनाया जाता तो ये उचित होता, जबकि वर्तमान बजट भी अखबारों की सुर्खी बटोरने वाला ज्यादा प्रतीत होता है, जिससे एक बार फिर लोगों को अपने ’अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है। वैसे भी यूपी के लोगों को स्थाई आमदनी वाली रोजगार व्यवस्था का इंतजार बना हुआ है, जिसको लेकर गंभीरता एवं सक्रियता आवश्यक है।

बसपा मुखिया ने योगी सरकार को सलाह देते हुए कहा कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण पर भी सरकार का समुचित ध्यान देना जरूरी है। बैकलाग की भर्ती की भी जितनी जल्दी पूर्ति हो उतना बेहतर होगा। वैसे भाजपा सरकार अगर बसपा की चारों सरकार की तरह ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की संवैधानिक दायित्व को निष्ठा व ईमानदारी से निभाने का प्रयास करे तो यह देश व जनहित में उचित होगा। आगे कहा कि बजट भी इस दिशा में ही होना चाहिए अर्थात् बजट वर्ग व क्षेत्र विशेष का हितकारी तथा खासकर करोड़ों गरीब एवं किसान-विरोधी ना होकर उनके जीवन सुधार का माध्यम हो तो ये सही होगा।

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इसके साथ ही बसपा प्रमुख ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर पार्टी द्वारा गतिविधियों को अनवरत जारी रखने की प्रक्रिया में आज राजस्थान प्रदेश सहित तीन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में उन तीनों राज्यों की अलग-अलग से हुई बैठक में वहां के राजनीतिक हालात के मद्देनजर पार्टी संगठन की तैयारी तथा सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये दिल्ली में हुई पिछली बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों के प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गयी। उन राज्यों के लोगों से अपने अच्छे दिन लाने के लिये यूपी की तरह पार्टी संगठन को मजबूत बनाकर सत्ता प्राप्ति की ललक पैदा करने का आह्वान किया गया। ताकि बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर द्वारा जबरदस्त मेहनत एवं संघर्ष के बाद खासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों को आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के साथ जीने हेतु आरक्षण सहित जो अनेकों संवैधानिक अधिकार मिले हैं उनका सही से लाभ उन्हें मिल सके। जैसाकि यूपी में बसपा की रही चारों सरकारों में उन्हें पहली बार मिलने की सुखद अनुभूति हुई।

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