अखिलेश ने कहा, भाजपा की मूर्तियां भी सियासी, मुख्यमंत्री बताएं अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव की उपेक्षा क्यों?

राष्ट्र प्रेरणा स्थल

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्धाटन पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्‍यनाथ पर निशाना साधा है। सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की मूर्तियां भी सियासी होती हैं। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्‍वर की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि योगी सरकार को यह बताना चाहिए कि वाजपेयी से जुड़े इस स्थान की उपेक्षा क्यों की जा रही है।

अखिलेश यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जंयती पर उन्हें याद करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी (योगी आदित्यनाथ) का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि उनके (वाजपेयी के) पैतृक स्थान बटेश्वर की उपेक्षा क्यों की जा रही है, क्या इसके पीछे कोई खास कारण है?”

साथ ही कहा कि ”भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए गगनचुंबी मूर्ती तो बनाती है, लेकिन सच में किसी के सम्मान में कोई सच्चा स्मारक नहीं बनवाती है। भाजपा की मूर्तियां भी सियासी होती हैं।”

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गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। उनका पैतृक गांव बटेश्वर उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित है। उनका निधन 16 अगस्त 2018 को दिल्ली में हुआ था। सरकार उनकी जयंती को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है।

आशा वर्कर की मांगों के समर्थन में पूरी निष्ठा के साथ

वहीं अपना एक अन्य पोस्ट में सपा सुप्रीमो ने कहा कि आज के भाजपा शासनकाल में हर तरह से उपेक्षित-उत्पीड़ित आशा वर्कर बहनों की मांगों के समर्थन में हम पूरी निष्ठा के साथ हैं। उनकी आर्थिक सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा से भाजपा सरकार पीछे क्यों हट रही है? जब भाजपा के झूठे प्रचार और निर्जीव पर अपव्यय के लिए सरकार के पास धन लूटाने को है तो आशा वर्कर्स के साथ भेदभाव का आधार क्या केवल यही है कि वो शोषित, वंचित, निर्धन पृष्ठभूमि से आती हैं या वो पीडीए में शामिल आधी आबादी मतलब महिलाएं हैं, क्या उन्हें सम्मान से जीने का हक नहीं?

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