अमित शाह ने कहा, ‘असम की तरह पूरे देश से बांग्लादेशियों को भगाएंगे’

अमित शाह
कार्यक्रम को संबोधित करते गृह मंत्री अमित शाह।

आरयू वेब टीम। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को असम दौरे पर हैं। जहां शाह ने नौगांव में बटाद्रवा पुनर्विकास परियोजना का उद्धाटन किया। इस दौरान शाह ने कार्यक्रम को संबोधित कर कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा ने एक लाख बीघा जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त करवा दी है। इसी तरह हम पूरे देश से घुसपैठियों को भगा देंगे।

शाह ने गोपीनाथ बोरदोलोई को याद कर कहा कि अगर वे नहीं होते तो असम और पूरा नॉर्थ-ईस्ट आज भारत का हिस्सा नहीं होता। गोपीनाथ ने ही देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को असम को भारत में बनाए रखने के लिए मजबूर किया। उग्रवादी संगठनों के साथ केंद्र सरकार ने शांति समझौते किए। गोपीनाथ के प्रयासों के बिना असम और पूरा पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा नहीं रह पाता।

महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मभूमि, पुनर्निर्मित बटाद्रवा थान में बोलते हुए शाह ने कहा कि आज मैं भारत रत्न गोपीनाथ जी को याद करना चाहता हूं। अगर वे न होते, तो असम और पूरा पूर्वोत्तर आज भारत का हिस्सा न होता। शाह ने कार्यक्रम में आगे कहा कि बटद्रवा थान नव-वैष्णव धर्म का केंद्र है। ये स्थान असम की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। असम की संस्कृति और पर्यटन को इससे बढ़ावा मिलेगा।

यह भी पढ़ें- असम की जनसभा में बोले PM नरेंद्र, कांग्रेस छह-सात दशक करती रही गलती, एक-एक कर मोदी रहा सुधार

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से शांति, विकास और सांस्कृतिक सरंक्षण हो रहा है। गुवाहाटी की नई सुरक्षा व्यवस्था शहर को सुरक्षित बनाएगी। साथ ही कहा कि असम की जनता एक बार फिर से भाजपा को अपना समर्थन दे। पूरे असम को हम घुसपैठियों को मुक्त करेंगे। घुसपैठियों को जो लोग वोट बैंक मानते हैं, वे ऐसा कभी नहीं कर पाएंगे। डॉ. मनमोहन सिंह को असम से कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा, लेकिन सिर्फ सात बार ही असम आए, जिसमें से दो बार तो वे सिर्फ राज्यसभा का नामांकन पत्र दाखिल करने आए थे।

यह भी पढ़ें- अमित शाह ने कहा भारत में अंग्रेजी बोलने वालों को जल्द ही महसूस होगी शर्म