सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सोनम वांगचुक को AIIMS लेकर पहुंची पुलिस, पेट के गंभीर संक्रमण से थे परेशान

सोनम वांगचुक
जांच के बाद सोनम वांगचुक को वापस जेल ले जाती पुलिस।

आरयू वेब टीम। एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की लंबे से जेल में तबीयत खराब होने की शिकायत कर रहे हैं। वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर जेल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई है। जिसके बाद सोनम वांगचुक का शनिवार को एम्स जोधपुर में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। बताया गया कि जेल में उपलब्ध दूषित पानी के सेवन से उन्हें पेट में गंभीर संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद मेडिकल जांच की आवश्यकता पड़ी।

मिली जानकारी के मुताबिक एम्स जोधपुर में सोनम वांगचुक की जांच वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की ओर से की गई, जबकि पेट संबंधी समस्याओं को देखते हुए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की ओर से विशेष रूप से परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक मेडिकल टेस्ट कर उनकी स्थिति का बारीकी से आकलन किया। एम्स जोधपुर में कराई गई ताजा मेडिकल जांच की रिपोर्ट दो फरवरी तक सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।

सोनम वांगचुक को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज जोधपुर सेंट्रल जेल से एम्स लाया गया। इसके लिए जेल से एम्स जोधपुर तक ले जाने से पहले पूरे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जेल परिसर से लेकर अस्पताल तक अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती की गई थी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दूषित पेयजल से पेट संबंधी समस्याओं की सोनम वांगचुक की शिकायत के बाद गुरुवार को एक विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उनकी जांच कराने का निर्देश दिया। वांगचुक (59) जोधपुर केंद्रीय जेल में हिरासत में हैं। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने जेल अधिकारियों को वांगचुक की चिकित्सा रिपोर्ट सोमवार तक सीलबंद लिफाफे में उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता की तत्काल चिकित्सा जांच के लिए जेल अधिकारियों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका दायर की गई है। राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि पिछले चार महीनों में जेल चिकित्सक ने उनकी 21 बार जांच की है।

यह भी पढ़ें- सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर बोले राहुल, लद्दाख की संस्कृति पर हमला कर रही भाजपा-RSS

पिछले साल लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद 26 सितंबर को वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 लोग घायल हो गए थे। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।

यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट में बोली सोनम वांगचुक की पत्‍नी, मेरे मौलिक अधिकारों का हो रहा हनन, पीछा करती हैं खुफिया एजेंसियां