आरयू इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। साथ ही इन हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। खामेनेई की बेटी, पोता, दामाद और बहू की मौत हो गई है।
इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और इसमें उसके सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। जिन अफसरों को मारा गया है, उनमें अली शामखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, होसैन जबल अमेलियन, रेजा मोजाफरी-निया शामिल है। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की। वहीं अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
दरअसल इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था।इजराइल की वायु सेना का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं।
इस दौरान ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आइआरजीसी) ने जारी बयान में कहा कि ईरानी राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया है, जो घमंडी ताकतों के खिलाफ साहस और अल्लाह के रास्ते में की गई कोशिशों के लिए अपने युग में अद्वितीय थे। साथ ही कहा ‘मानवता के सबसे दुष्ट आतंकियों और जल्लादों के हाथों उनकी शहादत इस महान नेता की सच्चाई और उनकी ईमानदार सेवाओं की स्वीकार्यता का संकेत है।’
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आइआरजीसी ने कहा कि इस्लाम और महान ईरान के लिए अयातुल्ला खामेनेई की शहादत विजय का संकेत और लक्ष्य के और करीब पहुंचना है। बयान में कहा गया कि ‘अमेरिका और जायोनी शासन की दुष्ट सरकारों का यह आपराधिक और आतंकी कृत्य धार्मिक, नैतिक, कानूनी और परंपरागत सिद्धांतों का साफ-साफ उल्लंघन है, इसलिए उम्मत के इमाम के हत्यारों को कठोर और पछतावा कराने वाली सजा दी जाएगी। ईरान बदला लेकर रहेगा, उन्हें नहीं छोड़ेगा।’ साथ ही आइआरजीसी ने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है।’ इधर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। हमला कुछ देर में शुरू होगा और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान में 200 की मौत, 740 घायल
इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। ईरान ने भी देशों पर जवाबी हमले किए थे।
अयातुल्लाह अली खामेनेई कौन थे?
अयातुल्लाह अली खामेनेई का जन्म 1939 में उत्तरी ईरानी शहर मशहद में हुआ था। वे अपने पिता के नेतृत्व वाले एक साधारण परिवार में आठ बच्चों में से दूसरे थे। खामेनेई ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए 1958 से 1964 तक क़ोम में धार्मिक अध्ययन किया और फिर 1962 में ईरान के शाह के खिलाफ अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के आंदोलन में शामिल हो गए। शाह के शासनकाल में कई बार जेल में डाले जाने के बाद, खामेनेई 1979 की क्रांति में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे। उन्होंने 1981 से 1989 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और ईरान-इराक युद्ध के दौरान ईरान का नेतृत्व किया। इसके बाद वे खुमैनी के उत्तराधिकारी के रूप में सर्वोच्च नेता बने।
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सत्ता संभालते ही खामेनेई ने इस्लामिक गणराज्य की नीतियों का निर्धारण किया और सशस्त्र बलों का नेतृत्व भी किया। खोमैनी की तरह वह भी अमेरिका और इजरायल के विरोधी रहे हैं। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में इस्लाम को लागू किया। वह न सिर्फ अधिकारियों बल्कि आम लोगों को भी इस्लाम को लेकर उपदेश देते हैं और तमाम मीडिया चैनल, मस्जिद, धार्मिक मदरसों के प्रचारक भी इस मामले में उनका अनुसरण करते हैं।




















