चार्ज नहीं लेने वाले नरेंद्र देव कृषि यूनिवर्सिटी के VC ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति कैंसिल, बृजेंद्र सिंह को मिली जिम्‍मेदारी

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। (फाइल फोटो)

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति मुश्किल में पड़ गई है। आदेश की अवहेलना होने से नाराज कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने नियुक्ति को निरस्त कर दी है। राजभवन द्वारा जारी पत्र के अनुसार ये आदेश 24 घंटे पूर्व से प्रभावी माना गया है।

कुलाधिपति ने ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को दस फरवरी 2026 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया था, हालांकि उन्होंने निर्धारित समयावधि के भीतर कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण नहीं किया। राजभवन ने उन्हें एक मार्च 2026 तक कार्यभार संभालने का अंतिम अवसर दिया था, लेकिन वे ज्ञानेंद्र प्रताप ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया।

सूत्रों के अनुसार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में नई दिल्ली में निदेशक पद पर कार्यरत हैं। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2026 को प्रस्तावित है। सेवानिवृत्ति से पूर्व विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण न कर पाने को नियुक्ति निरस्त किए जाने का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

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राजभवन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि ये निर्णय जनहित, छात्रहित और कृषि उच्च शिक्षा के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फिलहाल, विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बृजेंद्र कुमार सिंह को सौंपा गया है। वे अग्रिम आदेश तक नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का दायित्व भी संभालेंगे।

इस निर्णय के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं।

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