आरयू ब्यूरो, लखनऊ। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। जिसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का “काला अध्याय” बताया है।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित न होने देकर “भारत माता के सम्मान पर आघात” किया है। उन्होंने इसे देश की मातृशक्ति के साथ धोखा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने अपनी “नारी विरोधी मानसिकता” को उजागर किया है। देश की नारी शक्ति सब देख और समझ रही है।
हमला जरी रखते हुए सीएम योगी ने आगे कहा कि नारी इस छल एवं अन्याय को याद रखेगी तथा समय आने पर इसका उत्तर भी देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों की रक्षा तथा उनके सशक्तीकरण के लिए एनडीए गठबंधन के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
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गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर मत विभाजन के दौरान पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर फैसला संभव नहीं है, क्योंकि यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के लेवल पर ही गिर गया है।




















