लखनऊ में गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद कर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्‍वरानंद, नहीं है सरकारी संतो की जरूरत

शंकराचार्य
कार्यक्रम में शंखनाद करते शंकराचार्य।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्‍वरानंद सरस्वती ने बुधवार को लखनऊ में गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद कर दिया। आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने योगी सरकार को निशाने पर लिया। साथ ही कहा कि आज हमें कांशीराम जैसे समर्पण की आवश्यकता है। उन्होंने कांधे पर झोला टांगकर जन कल्याण की राजनीति शुरू की और अपनी शिष्या मायावती को कई बार मुख्यमंत्री बनाया। साथ ही कहा कि हमें सरकारी संतों की जरूरत नहीं बल्कि असरकारी संतों की जरूरत है।

इतिहास में कालिख से लिखा जायेगा आपका कृत्य

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा, वेद पढ़ने वाले बटुक क्या लाठी और आपके जूते के योग्य थे जो उनके साथ प्रयागराज में अन्याय किया गया। आपने अपने पंथ को लजवा दिया। इतिहास में कालिख से आपका कृत्य लिखा जायेगा।

कार्यक्रम में दिखें सबसे ज्‍यादा भाजपाई

इस दौरान शंकराचार्य बारी-बारी से लोगों से पूछा कि यहां कितने लोग कांग्रेसी हैं, कितने सपाई, कितने बसपाई हैं और कितने भाजपा वाले हैं? सबसे ज्यादा हाथ भाजपा समर्थकों के उठे। इस पर कहा कि भाजपाई भी हैं तो लोगों ने जवाब दिया कि पहले भाजपाई थे पर अब नहीं हैं। इसपर शंकराचार्य ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले प्रचार कर रहे थे कि हमारा समर्थन कांग्रेसी और सपाई कर रहे हैं लेकिन यहां तो पोल खुल गई। साथ ही कहा यह शराब की दुकान नहीं, ये सभा शुद्ध गाय की दुकान है। यहां ज्यादा भीड़ हो जाती तो इसका मतलब होता यह शराब की दुकान है। यहां कम भीड़ है, इसी से पता चल रहा है कि यह शुद्ध गाय के दूध की दुकान है।

उम्मीद में इस भगवा सरकार को वोट दिया था

आगे कहा कि हमने भी गौ माता की रक्षा की उम्मीद में इस भगवा सरकार को वोट दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि जब प्रदेश की गद्दी पर एक गेरुआधारी योगी, यती और सन्यासी बैठा तो हमें लगा कि अब गो माता की रक्षा अवश्य होगी, लेकिन अब उसी गेरुआ राज में पुलिस सनातन धर्म के प्रतीकों पर प्रहार कर रही है।

भाजपा अब भागपा हो गई

वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अब भागपा हो गई है। अगर आप लोग पक्के गो-भक्त नहीं होते, तो इतनी रुकावट के बावजूद यहां आकर बैठे न होते। आप जितने भी लोग आए हैं, कार्यक्रम खत्म होने के बाद नाम नोट करके जाइएगा। क्योंकि, आप लोग इस कार्यक्रम के फाउंडर मेंबर होंगे।

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गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग

वहीं फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुधवार को गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में दर्जनों सनातनी महिलाएं एकत्रित हुईं। इस दौरान महिलाओं ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाते हुए आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया। गौरतलब हो कि कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग जगहों से धर्माचार्य और गो रक्षक मंगलवार को ही लखनऊ में जुट गए। गो रक्षा आंदोलन को लेकर शंकराचार्य इन दिनों चर्चा में हैं और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

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