आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विश्व जल दिवस के अवसर पर कहा है कि अमृततुल्य पावन जल हमारे जीवन का आधार है। जल के बिना जीवन की कल्पना भी असंभव है, इसलिए इसका संरक्षण हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। केशव मौर्या ने आज अपने एक बयान में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार मीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से अमृत सरोवरों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
इस विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लें…
जनता पर भी जिम्मेदारी हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि हर इंसान को जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण के लिए आगे आना होगा। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि “आइए, इस विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लें कि जल का संरक्षण करेंगे, अनावश्यक उपयोग को रोकेंगे, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं संचयन के उद्देश्य से ही ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत व्यापक स्तर पर जल अवसंरचनाओं का निर्माण किया गया है एवं निरंतर किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नदियों के पुनरुद्धार की योजनाएं संचालित की गई हैं तथा ग्रामीण तालाबों और पोखरों का निर्माण एवं सुधार कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।
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अपनी सरकार की तारीफ करते हुए केशव मौर्या ने कहा कि सरकार द्वारा जल संरक्षण, जल संचयन एवं जल प्रबंधन के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाना और जल संसाधनों का सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनसहभागिता को इन प्रयासों की सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसमें सहभागी नहीं बनेगा, तब तक स्थायी समाधान संभव नहीं है।




















