खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार में असली संकट नेतृत्व का, ये बात समझ चुके हैं सभी देशवासी

मल्लिकार्जुन खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे। (फाइल फोटो)

आरयू वेब टीम। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा। खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार में असली संकट नेतृत्व का है और यह बात अब सभी देशवासी समझ चुके हैं। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 रुपये करोड़ का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पेट्रोल अब हुआ सौ रुपये पार, अबकी बार… जनता की कमाई पर किश्तों में लूटमार। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 रुपये करोड़ का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा… अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फायदा नहीं पहुंचाया, उन्हें जमकर लूटा।” साथ ही प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जब संकट आया तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद त्याग का उपदेश दिया। फिर आठ दिनों में तीन बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हमें बताया गया कि विदेशों के मुक़ाबले भारत में दाम सबसे कम हैं। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को “सब ठीक है” की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकि देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुँचा रहे थे।” उन्होंने दावा किया, “इटली ने ईंधन पर एक्साइज कटौती की, जिससे उनकी जनता को राहत मिली। ऑस्ट्रेलिया ने उत्पाद शुल्क में कटौती की, जिससे नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतें लगभग 17 रुपये प्रति लीटर कम हो गईं।

यह भी पढ़ें- दस दिन में तीसरी बार महंगी हुई CNG, जानें कितनी हुई कीमत

साथ ही कहा कि जर्मनी ने तेल पर कर कम किया, जिससे ईंधन की कीमतें 17–19 रुपये प्रति लीटर कम हो गईं।”
खड़गे ने सवाल किया, “नरेंद्र मोदी जी बताइए, इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है? आप इतने ‘कंप्रोमाइज्ड’ क्यों हैं?” खड़गे ने दावा किया, “इस सरकार में नेतृत्व का संकट असली है, 140 करोड़ भारतीय अब ये समझ गए हैं।”

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को एक बार फिर वृद्धि की गयी। पेट्रोल की कीमत 87 पैसे लीटर जबकि डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाये गये हैं। पिछले दस दिनों से भी कम समय में यह तीसरा मौका है जब ईंधन के दाम बढ़ाये गये हैं।

यह भी पढ़ें- खड़गे का मोदी सरकार पर आरोप, देश की सामरिक व आर्थिक नीति को पहुंचाया गया नुकसान