आरयू इंटरनेशनल डेस्क। मिडिल ईस्ट के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को उनकी मौत के करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरान सरकार और तेहरान प्रशासन इस ऐतिहासिक और बेहद भावुक अंतिम विदाई कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियों में जुट गया है। तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमान है कि अपने सर्वोच्च और सर्वकालिक लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए राजधानी तेहरान में करीब दो करोड़ लोगों का जनसैलाब उमड़ सकता है, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड होगा।
दरअसल ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु इसी साल 28 फरवरी 2026 को हो गई थी। उनकी मौत के बाद से ही देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्तराधिकार और अंतिम यात्रा को लेकर कई तरह की प्रशासनिक प्रक्रियाएं चल रही थीं। मौत के तीन महीने से भी ज्यादा का समय बीत जाने के बाद अब जाकर उन्हें पूरी धार्मिक और राजकीय परंपराओं के साथ दफनाया जाएगा। ईरान सरकार ने खामेनेई के जनाजे और अंतिम संस्कार को देखते हुए पूरे देश में तीन दिनों के राजकीय शोक और सार्वजनिक अवकाश का आधिकारिक एलान किया है। इस दौरान देश के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज झुके रहेंगे।
इस संबंध में तेहरान के डिप्टी मेयर मोहम्मद अमीन तवाकोली-जादेह ने बताया कि अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में होने वाले इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार को लेकर देश के सभी प्रमुख और बड़े शहरों में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खामेनेई की अंतिम विदाई यात्रा सीधे तेहरान पहुंचने से पहले देश के कई ऐतिहासिक और बड़े शहरों से होकर गुजरेगी, ताकि स्थानीय नागरिक उनके अंतिम दर्शन कर सकें। इसके बाद तेहरान में मुख्य विदाई कार्यक्रम लगातार 24 घंटे तक बिना रुके चलेगा।
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तेहरान नगर पालिका और सुरक्षाबलों के अधिकारियों का मानना है कि लगभग दो करोड़ लोगों की इस अप्रत्याशित और विशाल भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होने वाला है। तेहरान आने वाले लाखों-करोड़ों लोगों के ठहरने, भोजन, पानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के लिए युद्धस्तर पर विशाल साजो-सामान और टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है। पूरे तेहरान शहर को हाई-अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ से बचने के लिए सुरक्षा के ऐसे अभूतपूर्व कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं जो ईरान के इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए।




















