आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी, टीईटी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने और अवैध धन उगाही का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा पीजीटी, टीईटी एवं अन्य परीक्षाओं के संबंध में ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ, प्राप्तांक के बारे में अभ्यर्थियों को आयोग कार्यालय आकर प्रार्थना पत्र देने के लिए उकसाया व भ्रमित किया जा रहा है। साथ ही एआइ के माध्यम से फर्जी अभिलेख तैयार करने तथा धन के लेन-देन संबंधी अप्रमाणित सूचनाएं भी प्रसारित की जा रही हैं।
आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पीजीटी परीक्षा के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक तथा चयनित अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा अंक, साक्षात्कार अंक एवं अंतिम प्राप्तांक आयोग द्वारा अलग-अलग रूप से वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जा चुके हैं। साथ ही अभ्यर्थियों से अपील की है कि ऐसी भ्रामक एवं निराधार सूचनाओं पर विश्वास न करें। केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित विज्ञापनों एवं सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें।
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साथ ही चेतावनी दी कि असत्य एवं भ्रामक सूचना प्रसारित करने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने तथा अवैध धन वसूली का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से कहा है कि किसी भी जानकारी के लिए आयोग कार्यालय के चक्कर लगाने या दलालों के बहकावे में न आएं। सभी सूचनाएं आयोग की वेबसाइट http://www.upessc.gov.in पर उपलब्ध हैं।



















