अखिलेश-राजभर विवाद पर अब्बास अंसारी ने कहा, नहीं करूंगा टिप्पणी, एक बड़े भाई दूसरे चाचा

अब्बास अंसारी
भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते अब्बास अंसारी।

आरयू ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी ने सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच जारी बयानबाजी पर सोमवार को प्रतिक्रिया दी है। अब्बास अंसारी ने कहा कि एक उनके बड़े भाई हैं और दूसरे चाचा हैं। दोनों ही अपनी-अपनी पार्टियों के अध्यक्ष हैं। ऐसे में उन दोनों के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी में उन्हें न घसीटा जाए।” अब्बास अंसारी ने आगे कहा कि उनके दोनों से पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, इसलिए किसी के ऊपर टिप्पणी नहीं करेंगे।

अब्बास अंसारी ने कहा कि ये बड़े नेताओं का मामला है और वे इसे अपने स्तर पर सुलझा लेंगे। आगे कहा कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। जो आज अलग दिख रहे हैं, संभव है कि कल एक साथ नजर आएं। जब विधायक से पूछा गया कि चुनाव नजदीक आने के बाद ही वह फील्ड में नजर आने के सवाल पर कहा कि ये सवाल जनता नहीं, बल्कि मीडिया कर रही है। उन्होंने मीडिया को सलाह दी कि टीआरपी के लिए हमेशा नकारात्मक सवाल न पूछें, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी ध्यान दें।

मिठाइयों के महंगे होने से रक्षाबंधन पर बढ़ेगा बोझ

इस दौरान अब्बास अंसारी ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने ‘हर घर जल योजना’ के तहत घर-घर नल से पानी पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन सवाल ये है कि क्या वास्तव में लोगों के घरों तक नल से पानी पहुंचा है? वहीं विधायक ने रोजमर्रा की महंगाई का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी के दाम बढ़कर करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ रहा है। मिठाइयों के महंगे होने से रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर भी लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

‘चुनाव पार्टियां नहीं, आवाम लड़ेगी’

अब्बास अंसारी ने कहा कि आने वाला चुनाव केवल राजनीतिक पार्टियां नहीं, बल्कि आम जनता लड़ेगी। जनता अपने मुद्दों और मांगों को लेकर यह तय करेगी कि किसके पक्ष में मतदान करना है। उन्होंने कहा कि अगर जनता की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो लोग अपने घर के बुजुर्गों का हाथ पकड़कर उस जगह जाएंगे, जहां उन्हें अपने साथ देने वाले लोग दिखाई देंगे।

लोकतंत्र में सभी को प्रदर्शन का अधिकार

सवर्ण समाज के लोगों द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर अब्बास अंसारी ने कहा कि जिसके साथ नाइंसाफी हो रही है, उसे लोकतंत्र में अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्वक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों का अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना लोकतंत्र के जिंदा होने की पहचान है। यदि प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की जाती है तो लोकतंत्र के लिए ये चिंता का विषय होगा। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी जायज मांगों और रोजमर्रा की समस्याओं को उठाना सीखना चाहिए।

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दरअसल विधायक अब्बास अंसारी सोमवार को मऊ में रस्तीपुर स्थित अंबेडकर ग्राउंड पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने उन्हें बताया कि परिसर में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और उसके आस-पास के प्रांगण का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और प्रांगण की स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया।

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