आरयू वेब टीम। चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर वोट काटे हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि एसआइआर शुरू होने के बाद से ही आप इस प्रक्रिया का विरोध करती रही है और अब चुनाव आयोग के भीतर भी मतदाता सूची को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
संजय सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा केवल विपक्ष के विरोध तक सीमित नहीं है। साथ ही कहा कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों की ओर से भी एसआइआर से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां सामने आने की खबरें आई हैं। आप नेता ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने का काम किया और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। संजय सिंह ने ये भी मांग की कि जहां इस तरह की कथित गड़बड़ियां हुई हैं, वहां हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में एसआइआर के दौरान करीब 27.16 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इन बदलावों के खिलाफ कुल 38.31 लाख अपील दाखिल हुई हैं, जिनमें 22.21 लाख अपील हटाए गए नामों को फिर से शामिल करने की मांग से जुड़ी हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआइआर से जुड़े मामलों में 37 लाख से ज्यादा अपील अभी लंबित हैं। आयोग ने इन मामलों के जल्द निपटारे के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की है।
आप नेता का बयान ऐसे समय आया है जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद स्पष्ट किया है कि एसआइआर समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और सभी निर्णय सर्वसम्मति से हुए।
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आप के राज्यसभा सांसद ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव का असर चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं, तो चुनाव की प्रक्रिया और उसके महत्व को लेकर सवाल खड़े होते हैं। आप सांसद ने एसआइआर से जुड़े मामलों में कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।




















