संयुक्त प्रेसवार्ता में दीपके ने कहा, देश में तिरंगा लहराना भी बना अपराध, नेहा बोरा व प्रकाश राज ने भी उठाया मोदी सरकार पर सवाल

सयुंक्त प्रेसवार्ता
सयुंक्त प्रेसवार्ता में बोलते दीपके साथ में मौजूद नेहा बोरा।

आरयू वेब टीम। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में तिरंगा लहराना भी अपराध बना दिया गया है। दीपके ने यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद और विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध के बीच की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा, सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए।

प्रेसवार्ता में एसआइआर प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने तथा विरोध प्रदर्शन के अधिकार जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाया गया। सीजेपी ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिसे सीजेपी ने ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ नाम दिया है। वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घुसे कुछ उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की कोशिश करते हुए बंद करो, दफा हो जाओ, कहते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया। जिसके बाद अभिजीत दिपके और नेहा बोरा ने आयोजकों से हंगामा करने वालों को बाहर निकालने को कहा।

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मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि, पिछले 10-15 दिनों से दिल्ली में छात्र और युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा जबरन हटाया जा रहा है। दीपके ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था। जिनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि ये सब किसके लिए? सिर्फ एक आदमी, ज्ञानेश कुमार के लिए।

सुरक्षाबलों की तैनाती पर उठाए सवाल

सीजेपी नेता ने मोदी सरकार की कार्रवाईयों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दस अक्टूबर के आह्वान के बाद रेलवे सेवाएं बंद कर दी गईं, और दावा किया कि दिल्ली में मेट्रो सेवाएं और कई स्टेशन भी बंद कर दिए गए। दीपके ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर से सुरक्षाबलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। साथ ही दावा किया कि कई पत्रकारों के पास प्रेस कार्ड होने के बावजूद, उन्हें पीटा गया और घंटों तक हिरासत में रखा गया।

दीपके ने कहा कि नेहा को घसीटा गया, आइशी को घसीटा गया, विराज को घसीटा गया, ईशना को घसीटा गया। एक ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए। जब इस देश का विपक्ष भी रास्तों पर उतरा है उनको भी डिटेन किया गया है। एलओपी को भी डिटेन कर दिया गया है।

महिला पत्रकार को करना पड़ा उत्पीड़न का सामना: नेहा बोरा

वहीं नेहा बोरा ने दिल्‍ली पुलिस की कारस्‍तानी उजागर करते हुए कहा कि पत्रकारों के कैमरे छीन लिए गए और उन्हें विरोध प्रदर्शनों की कवरेज न करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने एक महिला पत्रकार का जिक्र किया, जिसे कथित तौर पर विवेक भगत द्वारा यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। नेहा के अनुसार, जब वह महिला पत्रकार शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास गई, तो उसी के खिलाफ एक जवाबी एफआइआर दर्ज कर ली गई। साथ ही प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय न्याय की मांग कर रहे नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।

हर जिले-गांव में बना देंगे जंतर-मंतर

वहीं प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करनी और कथनी में फर्क होने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरा, वह आज कॉकरोच से डर गया। प्रकाश राज ने कहा कि कल देश के 200 संगठन एकजुट हो रहे हैं। सरकार ने हमें जंतर-मंतर से छूमंतर करने की कोशिश की, लेकिन हमने हमने पूरे देश को जंतर-मंतर बनाने का फैसला किया है।

घुसपैठियों को रोकने की जिम्मेदारी अमित शाह की

प्रकाश राज ने कहा कि कल अमित शाह ने कहा है कि राहुल गांधी घुसपैठियों को बचा रहे हैं। घुसपैठियों को रोकने की जिम्मेदारी अमित शाह और सरकार की है, चुनाव आयोग की नहीं। ज्ञानेश कुमार को मोदी-शाह ने अवैध रूप से हिरासत में लिया है। उन्हें रिहा कीजिए, वे हमारे प्राइम विटनेस हैं। उन्हें जनता के सामने रिहा किया जाए।

प्रशांत भूषण ने एसआइआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

प्रेसवार्ता में प्रशांत भूषण ने एसआइआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के मानकों को लेकर स्पष्टता नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि दिल्ली में एक केंद्रीय आईटी सेल के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े फैसले किए जा रहे हैं। प्रशांत भूषण ने ये भी कहा कि जो लोग एसआइआर के तहत फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं। उन्होंने दूसरे शहरों में शिफ्ट हो चुके लोगों के सामने आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया।

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