आरयू ब्यूरो, लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा मुखिया ने दावा किया कि एसआइआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जिनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। अखिलेश यादव के मुताबिक, उनकी पार्टी के ‘पीडीए प्रहरी’ अब तक करीब 19 लाख 20 हजार फर्जी वोटरों का मामला सामने ला चुके हैं।
सपा के प्रदेश कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि जब भाजपा चुनाव हारने लगती है, तो चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आयोग भाजपा के सदस्यों को मतदाता बना रहा है और उन्हें भारत का नागरिक मान रहा है।
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इस दौरान एसआइआर के आंकड़ों का हवाला देते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कुल 87 लाख 56 हजार आवेदन भरे गए। उनके अनुसार, इनमें से 84 लाख 30 हजार नए मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए।
मतदाताओं का विवरण नहीं किया गया सार्वजनिक
वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने इन 87 लाख 56 हजार आवेदनों में से केवल 71 लाख 38 हजार आवेदनों की जानकारी सार्वजनिक की। जबकि बाकी 16 लाख 18 हजार मतदाताओं का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। अखिलेश यादव के मुताबिक इन मतदाताओं के नाम, उम्र और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारियों में समानता पाई गई है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए प्रहरियों ने इसके अलावा करीब तीन लाख अन्य कथित फर्जी मतदाताओं की भी पहचान की है। इस तरह उन्होंने अब तक कुल 19 लाख 20 हजार संदिग्ध या कथित फर्जी मतदाताओं का मामला सामने लाने का दावा किया।
फर्जी मतदाताओं के जोड़े जा रहे नाम
साथ ही अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में भाजपा की हार की संभावना है, वहां सबसे ज्यादा फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। उनकी पार्टी लंबे समय से चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ियों पर सवाल उठाती रही है। इस दौरान सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में शामिल किए गए सभी नए मतदाताओं का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। अखिलेश का कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।



















