संजय राउत ने कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगता हूं, लेकिन हमें न्याय दीजिए

संजय राउत

आरयू वेब टीम। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दायर कानूनी याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संजय राउत ने कहा कि न्याय की उम्मीद रखने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट अंतिम सहारा है। अगर अदालत को उनकी किसी बात या कार्रवाई पर आपत्ति है, तो सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं माफी मांगता हूं, लेकिन हमें न्याय दीजिए।

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माफी मांगने के साथ ही राज्यसभा सांसद ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय के लिए इंतजार कर रहे मामलों का जिक्र कर कहा कि चुनाव आयोग के मामले में हमें न्याय दीजिए, अंकिता भंडारी मामले में हमें न्याय दीजिए। हम पिछले चार वर्षों से शिवसेना पार्टी और उसके चुनाव चिह्न के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला है। हम न्याय मांग रहे हैं, इसलिए हमें माफ कर दीजिए। सभी लोग न्याय मांगने के लिए ही सुप्रीम कोर्ट जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ही उम्मीद की आखिरी किरण

संजय राउत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति के बाद देश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक है। फिलहाल संविधान का अपमान हो रहा है। संविधान की रक्षा करने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की है और हमें इस बात पर गर्व है। आम जनता सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर खड़े होकर न्याय मांगती है। सुप्रीम कोर्ट ही उम्मीद की आखिरी किरण है। सांसद ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भी संवैधानिक पद पर बैठे हैं, लेकिन वे भाजपा के एजेंट हैं। इसमें सरकार की मिलीभगत है। हजारों लोग न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर खड़े हैं।

अमित शाह बार-बार दे रहे धमकी

शिवसेना सांसद ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारी 11 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। उनमें से कुछ याचिकाओं के तर्क सही नहीं हैं, ऐसा सुप्रीम कोर्ट का कहना है। सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि वह किसी के दबाव में नहीं है, हमें भी यही चाहिए। राज्यसभा सांसद ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह बार-बार धमकी दे रहे हैं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अमित शाह जो कर रहे हैं, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। हमें न्याय की उम्मीद है और अब लग रहा है कि हमें न्याय मिलेगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी 11 याचिकाएं दाखिल कर ली हैं।

मृतको की जगह भाजपा के लोगों ने किया मतदान

शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन बार एसोसिएशन के संदर्भ में मैंने अपना नाम लिया था। अगर उन्हें लगता है कि मुझे माफी मांगनी चाहिए, तो मैंने माफी मांग ली है। मैंने मीडिया के सामने बयान दिया था और अब मीडिया के सामने ही माफी भी मांग रहा हूं। उन्होंने कहा कि मृत लोगों की जगह भाजपा के लोगों ने जाकर मतदान किया। क्या इसे शुद्धिकरण कहते हैं? इनके घोटाले सामने आ गए हैं, इसलिए ये ऐसी बातें कर रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस को संविधान का सम्मान करना चाहिए। वे एक शिक्षित मुख्यमंत्री हैं।

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