आरयू वेब टीम। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेटर लिखा है। अपने लेटर में राहुल ने आग्रह किया कि वह सरकार से दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहें। साथ ही ये सुनिश्चित किया जाए कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआइ जांच पूरी होने तक गौतम पदभार ग्रहण नहीं करें।
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राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखे लेटर में ये भी कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआइपी’ की पहचान से जुड़े सवाल की सीबीआइ जांच अभी जारी है और ऐसे समय में गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से गंभीर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही दावा किया कि अंकिता के परिवार समेत कई लोगों ने गौतम का नाम इस मामले से जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की सीबीआई जांच अभी पूरी नहीं हुई है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पत्र में राष्ट्रपति कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप सरकार से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने को कहें और सीबीआई द्वारा अपनी जांच पूरी किए जाने तक गौतम पदभार ग्रहण नहीं करें।’’
चार वर्षों से नहीं मिला सवाल का जवाब
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि इस मामले में पिछले चार वर्षों से इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है कि इस मामले से जुड़े ‘वीआइपी’ कौन थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने इस साल जनवरी में इस पहलू की जांच सीबीआइ को सौंपी थी और जांच अभी जारी है। साथ ही ये दावा किया कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जा सकती और ऐसे में गौतम की नियुक्ति उन्हें सीबीआइ की पहुंच से बाहर कर सकती है।
संदेह के घेरे में रहने वाला व्यक्ति नहीं कर…
आगे कहा कि, ‘‘ऐसी जांच जिसका परिणाम कभी अभियोजन में नहीं बदल सके, वह केवल नाम की जांच रह जाती है। राज्यपाल को अपने राज्य के लोगों का विश्वास प्राप्त होना चाहिए और इस तरह के संदेह के घेरे में रहने वाला व्यक्ति ऐसा विश्वास हासिल नहीं कर सकता।’’ नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल की नियुक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती है, लेकिन राष्ट्रपति के पास संविधान के अनुच्छेद 74(1) के तहत मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने को कहने का अधिकार है।
उच्च संवैधानिक पद की गरिमा की रक्षा के लिए उठाएं कदम
इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाया कि गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति ‘‘घोर उपेक्षा’’ दिखाई है। कांग्रेस नेता ने लेटर में अंकिता के माता- पिता का जिक्र कर कहा कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब इस नियुक्ति का भी विरोध कर रहे हैं। राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील करते हुए राहुल ने कहा कि अंकिता ने ‘‘घृणित मांग’’ को मानने से इनकार किया और इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकाई। साथ कहा कि राष्ट्रपति को अंकिता के शोकाकुल माता-पिता को सांत्वना देने और राज्यपाल के उच्च संवैधानिक पद की गरिमा की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए।




















